World Heritage Day पर जी.एल. बजाज के बी.आर्क छात्रों की हस्तकृतियों ने मन मोहा

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World Heritage Day पर जी.एल. बजाज के बी.आर्क छात्रों की हस्तकृतियों ने मन मोहा

GL-Bajaj-StudentsWorld Heritage Day पर  डा. रामकिशोर अग्रवाल  ने कहा- विरासत को संजोकर रखना हमारा दायित्व

मथुरा। इतिहास की खूबसूरती के बचे हुए गवाह केवल एक स्थापत्य कला की मूक निशानी भर नहीं हैं बल्कि वे हमारे पूर्वजों द्वारा भावी पीढ़ी के लिये एक शानदार विरासत एवं धरोहर हैं जिन्हें वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को संजोकर रखना उसका उत्तरदायित्व है। यदि हमें अपने कल को समझना है तो हमें अनिवार्यतः उन मूक गवाहों के वर्तमान पीढ़ी को दिये जा रहे संदेशों को समझना और महसूस करना होगा उक्त उद्गार आर.के. एजूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने विश्व विरासत दिवस पर छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।

इस अवसर पर संस्थान के बी.आर्क छात्रों ने ऐसी-ऐसी कलाकृतियों का सृजन किया जिसे देखकर लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली। जी.एल. बजाज में विश्व विरासत दिवस पर बी.आर्क छात्रों ने रचनात्मक कार्यों से भरपूर एक प्रदर्शनी भी आयोजित की। कार्यक्रम की शुरुआत आर्किटैक्ट छात्रों के बीच क्विज प्रतियोगिता से हुयी। इसके बाद छात्रों के अलग-अलग ग्रुपों ने विश्व इतिहास की सर्वाधिक चर्चित गगनचुम्बी इमारतों पर प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया।

बी.आर्क छात्रों ने अपने हाथों से ऐसी नायाब प्रतिकृतियों को चित्रित किया जिसे सभी ने सराहा। इस अवसर पर बी.आर्क छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से जिस रचनात्मकता का परिचय दिया वह बेमिसाल और अतुलननीय थी। आर्किटेक्ट छात्रों द्वारा अलग-अलग प्रकार की आकृतियों का निर्माण तो काबिलेतारीफ था ही साथ ही इसमें संस्थान द्वारा दी जा रही शिक्षा प्रणाली का असर भी साफ-साफ दिखा।

जी.एल. बजाज के निदेशक डा. एस. रे चौधरी ने कहा कि ऐसे आयोजन का मकसद छात्र-छात्राओं को विश्व विरासत से रू-ब-रू कराने के साथ ही उनकी क्षमताओं को प्लेटफार्म देना था। जी.एल. बजाज में छात्रों की सृजनात्मक क्षमता को हरसम्भव तरीके से निखारने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों द्वारा बनाई गई इन सृजनात्मक कलाकृतियों में संस्थान के प्रयासों की झलक साफ देखी जा सकती है।

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