विश्व बैंक ने भारत में 80 करोड़ डॉलर की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी

नई दिल्‍ली। विश्व बैंक ने भारत में विकास कार्यों की सहायता के मकसद से 80 करोड़ डॉलर से अधिक की लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनमें छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि वृद्धि परियोजना (चिराग), नागालैंड: कक्षा शिक्षण और संसाधन परियोजना का विस्तार तथा दूसरा बांध सुधार और पुनर्वास परियोजना (डीआरआईपी-2) शामिल हैं। विश्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ‘ये परियोजनाएं भारत की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने, छत्तीसगढ़ में जनजातीय परिवारों के लिए पोषक युक्त कृषि को बढ़ावा, नागालैंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा तथा देश के विभिन्न राज्यों में मौजूदा बांधों की सुरक्षा एवं प्रदर्शन में सुधार में मदद करेंगी।’ विश्व बैंक के भारत में क्षेत्रीय निदेशक जुनैद अहमद ने कहा कि चारों परियोजनाएं टिकाऊ और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के भारत के प्रयासों को संबल प्रदान करेंगी। विज्ञप्ति के अनुसार 10 करोड़ डॉलर की लागत वाली छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि वृद्धि परियोजना सतत उत्पादन व्यवस्था विकसित करेगी जिससे राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदाय के परिवार पूरे साल विभिन्न और पोषक युक्त खाद्य पदार्थ उपजा सकेंगे।
वहीं कुल 40 करोड़ डॉलर की लागत वाला त्वरित कोविड-19 सामाजिक सुरक्षा प्रतिक्रिया कार्यक्रम महामारी से प्रभावित गरीब और वंचित परिवारों की मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों को गति देगा। यह इस तरह का दूसरा कार्यक्रम है। विश्व बैंक के अनुसार इसके अलावा 25 करोड़ डॉलर की लागत वाली डीआरआईपी-2 परियोजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों में मौजूदा बांधों की सुरक्षा और प्रदर्शन में सुधार लाया जाएगा।
विज्ञप्ति के अनुसार 6.8 करोड डॉलर की लागत वाली नागालैंड की कक्षा शिक्षण और संसाधन विस्तार परियोजना का मकसद पठन-पाठन की स्थिति में सुधार लाना है।
-एजेंसियां

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