विश्‍व अस्‍थमा दिवस आज: खान-पान का ध्‍यान रखकर भी नियंत्रण संभव

आज विश्‍व अस्‍थमा दिवस है। अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो हमारे श्वसन तंत्र को बहुत बुरी तरह प्रभावित करती है। बाकी हार्ट और फेफड़ों पर इसका जो असर होता है, वह तो हानिकारक है ही।
अस्थमा के रोगियों को दवाएं या इनहेलर हमेशा अपने साथ रखना चाहिए, यह तो सभी जानते हैं लेकिन इन्हें ऐसा क्या खाना चाहिए, जो इनकी सेहत को लंबे समय तक सही बनाए रखने में मदद करे। यहां जानें…
सबसे पहले अस्थमा को समझें
अस्थमा मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। इन्हें नॉन एलेर्जिक अस्थमा (Nonallergic Asthma) और ऑक्यूपेशनल अस्थमा (Occupational Asthma) कहते हैं। अस्थमा के रोगियों को प्रदूषण, धुएं और सर्दी के मौसम में अधिक दिक्कत होती है। इस कारण बेहतर है कि ये लोग ऐसी किसी भी जगह जाने से बचें, यहां इन्हें सांस लेने में दिक्कत हो या संक्रमण बढ़ने की आशंका हो।
शहद का उपयोग करें
-शहद खाना तो हर किसी को पसंद होता है। अस्थमा के मरीजों के लिए शहद का सेवन खासतौर पर लाभकारी होता है क्योंकि यह गले को इंफेक्शन फ्री रखने में मदद करता है। साथ ही श्वसन तंत्र में किसी तरह के वायरस और बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता है। इससे अस्थमा अटैक का खतरा कम होता है।
-शहद में दालचीनी पाउडर मिलकार खाने से खांसी और कफ की समस्या ठीक होती है। साथ ही यह एंटिबैक्टीरियल मेडिसिन की तरह काम करती है। जो फेफड़ों में कफ नहीं जमा होने देती इसलिए यह मिश्रण सर्दियों में हर दिन और अन्य दिनों में सेहत की जरूरत के हिसाब से खाना चाहिए।
विटामिन-सी का उपयोग करें
-विटामिन-C एंटिऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह रेस्पिरेट्री इंफेक्शन से बचाने में मददगार होता है। यही कारण है कि अस्थमा के मरीजों को विटामिन-सी से युक्त आहार लेने की सलाह दी जाती है।
-क्योंकि विटामिन-सी से भरपूर भोजन और फल लेने से अस्थमा का अटैक आना कम हो जाता है। साथ ही सांस से जुड़ी अन्य बीमारियां और संक्रमण जल्दी से नहीं फैलते हैं।
-इसलिए अस्थमा के मरीजों को मौसमी, संतरा, नींबू, कीवी और बेरीज का सेवन जरूर करना चाहिए। ये सभी फल विटामिन-सी से भरपूर होते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। खासतौर पर श्वसन तंत्र से संबंधित संक्रमण होने से रोकते हैं।
इन हर्ब्स का सेवन है लाभकारी
-अस्थमा के मरीजों के लिए तुलसी के पत्ते, काली मिर्च, हल्दी, लौंग और इलायची जैसी हर्ब्स का सेवन बहुत लाभकारी होता है। इन्हें दूध में हल्दी और चाय में इलायची, तुलसी और लौंग का सेवन करना चाहिए। साथ ही सब्जियों में इन सभी हर्ब्स का उपयोग करना चाहिए। इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
-ये सभी हर्ब्स हमारे श्वसन तंत्र को साफ और इंफेक्शन फ्री रखने में सहायता करती हैं। यदि इनका नियमित रूप से और सीमित मात्रा में उपयोग किया जाए तो ये एलर्जी बढ़ाने वाले कारणों का प्रभाव भी कम करती हैं।
-जो लोग नियमित रूप से और सही विधि के द्वारा इन हर्ब्स का उपयोग करते हैं, उनकी पलूशन, धुएं और धूल जैसे अस्थमा अटैक को बढ़ाने वाले कारणों के प्रति संवेदनशीलता कम हो जाती है। इससे उन्हें जल्दी-जल्दी अस्थमा अटैक से राहत मिलती है।
मौसम के हिसाब से खाएं दाल
– अस्थमा के मरीजों को आमतौर पर उन चीजों और खाद्य पदार्थों का उपयोग करना चाहिए, जो तासीर में गर्म होते हैं। क्योंकि ठंडी चीजें गले और श्वसनतंत्र से जुड़े इंफेक्शन को जल्दी बढ़ाती हैं जबकि गर्म चीजों के सेवन से इंफेक्शन पैदा करने वाले वायरस पनप नहीं पाते हैं।
-अस्थमा के मरीजों को गर्मी के मौसम में मूंग-मसूर की मिक्स दाल का सेवन जरूर करना चाहिए। यह दाल अस्थमा के रोगी सर्दी और गर्मी दोनों मौसम में खा सकते हैं। लेकिन अगर खाली मसूर की दाल खानी है तो केवल सर्दी में ही खाएं। क्योंकि अकेले मसूर की दाल बहुत गर्म होती है।
-एजेंसियां

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