आगरा में राष्ट्रीय Tobacco Control पर कार्यशाला सम्पन्न

Workshop on National Tobacco Control in Agra Completed
आगरा में राष्ट्रीय Tobacco Control पर कार्यशाला सम्पन्न

आगरा। राष्ट्रीय Tobacco Control कार्यक्रम(एनटीसीपी) के अन्तर्गत सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और वाणिज्य कर उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनिमय अधिनियम-2003) को भली भांति लागू करने हेतु तीसरे व अन्तिम दिन कार्यशाला स्थानीय होटल भावना क्लार्कस इन, भावना टावर कैलाशपुरी क्रोसिंग सेक्टर 16 बी सिकन्दरा में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन डा0 संजय जैन संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य, डा0 आलोक कुमार संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य) स्वास्थ्य भवन लखनऊ, सतीश त्रिपाठी राज्य सलाहकार राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम उ0प्र0, डा0 वीरेन्द्र भारती अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/नोडल अधिकारी तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, डा0 सलोनी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क  अधिकारी सुरजीत सिंह, उपदेश कुमार जिला मद्यनिषेध अधिकारी, डा0 आशिमा भटनागर जिला परामर्शदाता राष्ट्रीय तम्बाकू, बीना सत्या प्रधानाचार्य डायट द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
डा0 आलोक कुमार संयुक्त निदेशक (स्वास्थ्य) स्वास्थ्य भवन लखनऊ तथा प्रजेन्टेशन के द्वारा सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और वाणिज्य कर उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनिमय अधिनियम-2003)को भली भांति लागू करने हेतु विस्तृत रूप से बताया गया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान अपराध  की श्रेणी में आता है। सार्वजनिक स्थानों/कार्यालयों के प्रभारी द्वारा प्रवेश द्वार पर ‘‘ धूम्रपान रहित क्षेत्र, यहां पर धूम्रपान करना दण्डनीय अपराध है। उल्लंघन करने पर 200 रूपये तक का जुर्माना किया जायेगा। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करते हुये दिखायी देता है तो कार्यालयाध्यक्ष द्वारा जुर्माना लगाने का अधिकार होगा।
मध्यान्ह के बाद डा0 सतीश त्रिपाठी राज्य सलाहाकार राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम उ0प्र0 द्वारा तम्बाकू अधिनियम-2003 में संकलित की गयी धाराओं एवं तम्बाकू सेवन करते हुये पकडे जाने पर किये जाने वाले जुर्माने के सम्बन्ध में अवगत कराया। उक्त नियमों के उल्लंघन पर 1 से 5 साल की कैद व 1000/-से 5000/ रूपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। 18 वर्ष से कम आयु वर्ग को तम्बाकू उत्पाद बेचना अपराध है।नाबालिकों को तम्बाकू उत्पाद बिक्री स्थान पर दिखाई नहीं देना चाहिए। शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू पदार्थ बेचना अपराध है। शिक्षण संस्थाओं के प्रभारी को प्रत्येक प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड लगाना आवश्यक है, जिसमें लिखा हो कि ‘‘ तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान, इस शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पाद बेचना अपराध है‘‘।
डा0 वीरेन्द्र भारती नोडल अधिकारी तम्बाकू नियंत्रण अधिकारी द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी सदस्यों का परिचय कराया गया व तम्बाकू एवं सिगरेट के सेवन से होने वाली हानियों एवं दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में अवगत कराया। इसके अतिरिक्त डा0 एसके गुप्ता अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा0 सलोनी, प्रतिभा रावत जैन, पूजा कुलश्रेष्ठ, काउन्सलर, योगेश कुमार त्यागी, शिवम जैन, भूपेन्द्र सिंह, सर्वेश, प्रियंका शर्मा, प्रमुख रूप से उपस्थित थे। कार्यशाला के अन्त में डा0 संजय जैन संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी अधिकारियों को तम्बाकू एवं धूम्रपान को रोकने हेतु शपथ ग्रहण करायी गयी एवं कार्यशाला में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में जनपद आगरा के विभिन्न विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी, स्कूल शिक्षक, विभागीय कर्मचारी इत्यादि उपस्थित थे।

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