Azam Khan की ‘हरक़त’ पर पूरी संंसद ने की कड़ी कार्यवाही की मांग

नई दिल्ली। लोकसभा में Azam Khan द्वारा कल लोकसभा अध्यक्ष रमादेवी पर की गई आपत्त‍िजनक ट‍िप्पणी पर भाजपा की स्मृत‍ि ईरानी, न‍िर्मला सीतारमण , व टीएमसी की म‍िमी चक्रवर्ती सह‍ित मह‍िला सांसद कड़ी कार्यवाही की मांग पर अड़ीं हुई हैं। संसद में आज गत‍िरोध बना हुआ है ।

केंद्रीय मंत्री और अमेठी से सांसद स्मृति ईरानी ने कहा कि यह सदन महिला से जुड़ा नहीं है बल्कि पूरे समाज से जुड़ा है। यह पुरुषों सहित सभी सदस्यों पर धब्बा है। यह वह जगह नहीं, जहां आप किसी औरत की आंखों में झांकें।

ईरानी ने कहा कि कल यह सदन शर्मसार हुआ है और यह पूरे देश ने देखा है। महिला किसी भी पक्ष की हो किसी को महिला के अपमान का हक नहीं है। आप महिलाओं के साथ बदसलूकी करने के बाद ड्रामा कर के नहीं भाग सकते।

वहीं भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या ने कहा कि Azam Khan को सदन में आकर मांफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजम कल इस्तीफे की बात कर रहे थे लेकिन हमें उससे मतलब नहीं है। वह यहां आकर महिला सदस्य जो कल अध्यक्ष थीं उनसे माफी मांगे।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती ने कहा, ‘कोई भी संसद में खड़े होकर एक महिला से यह नहीं कह सकता कि मेरे आखों में देखो और बात करो।’ अध्यक्ष महोदय, सभी महिलाएं आपसे कुछ बड़ी कार्रवाई की आशा कर रही हैं।

रविशंकर प्रसाद ने आजम को सस्पेंड करने की मांग की

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि रमा जी वरिष्ठ और आदरणीय नेता हैं लेकिन जिन शब्दों का प्रयोग हुआ वह बहुत ही निंदनीय और शर्मिंदगी भरे थे। आजम खान को माफी मांगनी चाहिए या फिर सदन में आते ही उन्हें सस्पेंड किया जाए। वहीं डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि महिला सांसद का कल अपमान हुआ है और इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए।

आजम खान के बयान पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो कल हुआ उस पर सभी बोल रहे हैं यह देखना उत्साहजनक है। हम लोकसभा अध्यक्ष से एक अनुकरणीय कार्रवाई की आशा कर रहे हैं। महिलाओं से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण करना अपमानजनक है, हमें एक साथ खड़ा होना होगा तो कुछ में संकोच क्यों? दुविधा क्यों?

आजम खान के गुरुवार को लोकसभा में दिए गए आपत्तिजनक बयान पर आज भी गतिरोध जारी है। भाजपा सांसद बयान पर आजम खान से माफी की मांग कर रहे हैं। इस कारण लोकसभा में आज कंपनी संशोधन विधेयक और इंडियन मेडिकल काउंसिल विधेयक पर चर्चा रूकी हुई है। सदन से पारित होने के बाद दोनों विधेयक कानून का रूप लेंगे।

– एजेंसी

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