भारत के बिना मालदीव की तरक्की मुमकिन नहीं: नशीद

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा है कि ‘भारत के साथ अच्छे संबंधों के बिना मालदीव के लिए तरक्की करना मुमकिन नहीं है.’
भारत सरकार ने बीते सोमवार मालदीव के आसपास स्थित 61 द्वीपों के लिए फ़िटनेस इक्विपमेंट दिए हैं.
इस मौके पर माले में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने कहा, “हमें समझदारी से चलते हुए भारत के साथ संबंध बनाने चाहिए जिससे हम भी उनकी ही तरह प्रगति और विकास कर सकें. ये मेरा दृढ़ विश्वास है कि अगर हम भारत के साथ अपने क़रीबी संबंधों को त्याग दें तो हम इस समय जहाँ और जिस स्तर पर हैं, उससे आगे नहीं बढ़ सकते.”
हिंद महासागर में स्थित मालदीव रणनीतिक रूप से अहम देश है और भारत के साथ मालदीव के घनिष्ठ संबंध रहे हैं.
हालांकि मालदीव की मौजूदा सरकार का झुकाव चीन की ओर हो रहा है.
हिंद महासागर में मालदीव की भूमिका को रेखांकित करते हुए नशीद ने कहा, “मैं इस बात को लेकर भी निश्चिंत हूँ कि मालदीव के नागरिक और यहाँ के चुने हुए नेता समझदार होंगे और अपनी विदेश नीति को लेकर भी समझदारी भरे फैसले लेंगे और अपने क़रीबी सहयोगियों, पड़ोसियों को लेकर भी बुद्धिमत्ता से भरे फैसले लेंगे.”
उन्होंने कहा, “हमारा सबसे ख़ास पड़ोसी एवं सहयोगी देश भारत है.”
भारत द्वारा फ़िटनेस इक्विपमेंट्स का हैंडओवर एक बड़ी योजना का हिस्सा है. इस योजना के तहत भारत सरकार 200 मिलियन एमवीआर क़ीमत की कैश ग्रांट और विकास से जुड़ी परियोजनाओं को अंजाम दे रही है.
इसके अलावा भारत ने मालदीव को 800 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ़ क्रेडिट भी दी है.
भारत के साथ अपने संबंधों पर बात करते हुए नशीद ने कहा, “मालदीव में ऐसा कोई नागरिक नहीं होगा जो कि ये नहीं चाहता हो कि बच्चन जी, (जो कि हाल ही में कोराना वायरस से संक्रमित हो गए हैं) जल्दी से ठीक ना हो जाएं. दोनों देशों के लोग चावल और सब्जी खाते हैं. तंदूरी और बिरयानी खाते हैं. हम कसौटी देखते हैं और शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और रेखा की फ़िल्में देखते हैं. हमारी सभ्यताओं में भी कई एकरूपताएं हैं.”
इस मौक़े पर मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुलाल शाहिद ने कहा, “साल 2018 के नवंबर महीने से पारंपरिक रूप से क़रीब रहे देश मालदीव और भारत के बीच द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत हुए हैं. इसमें कोई शक नहीं है कि ये राष्ट्रपति सोलिह के हमारे सबसे करीबी पड़ोसी के साथ बेहतर रिश्ते बनाने के प्रति निजी समर्पण की वजह से हुआ है.”
-BBC

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