भारत में अरबपतियों की संख्‍या हुई दो सैकड़ा, विश्‍व के धनकुबेरों की लिस्‍ट में पहुंचा ग्यारहवें स्थान पर

विश्‍व के धनकुबेरों की लिस्‍ट में 200 अरबपतियों के साथ भारत ग्यारहवें स्थान पर है. अरबपतियों की इस लिस्‍ट में किसी को तब शामिल किया जाता है जब उसके पास 50 करोड़ डॉलर से ज़्यादा की संपत्ति हो.
नाइट फ्रेंक एलएलपी नामक एजेंसी 2009 से यह जानने की कोशिश कर रही है. ये एक रियल एस्टेट एजेंसी और कंसल्टेंसी है, जिसकी स्थापना 1896 के दौरान लंदन में हुई थी.
इस एजेंसी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 50 करोड़ डॉलर की संपत्ति वाले ज़्यादातर लोग उत्तर अमरीकी महाद्वीप में रहते हैं और उसमें भी सबसे ज़्यादा अमरीका और कनाडा में (31.8%). इसके बाद एशिया का नंबर है (28.1%) और फिर यूरोप (25.4%) का.
बाकी बचे 15 फ़ीसदी मध्य एशिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस, राष्ट्रमंडल के स्वतंत्र देश (सीआईएस), लैटिन अमरीका और अफ़्रीका में मिलते हैं.
इस रिपोर्ट को बनाने के लिए एजेंसी ने वेल्थ-एक्स नाम की एक अंतर्राष्ट्रीय डेटा कंपनी से जानकारी ली है. ये डेटा कंपनी कई लक्ज़री ब्रांड, एनजीओ और शिक्षण कंपनियों के साथ काम करती है.
इसके अलावा रिपोर्ट के लिए जानकारी दुनिया के 500 बड़े बैंकों पर हुए सर्वे से जुटाई गई है. ये 500 बैंक दुनिया के 50 हज़ार लोगों के साथ काम करते हैं जिनकी कुल संपत्ति 3 अरब डॉलर है.
टॉप 10 अरबपतियों के देश
इस रिपोर्ट के मुताबिक टॉप 10 देशों में अमरीका, चीन, जर्मनी, जापान, हॉन्ग कॉन्ग, कनाडा, स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, रूस, सीआईएस देश और ब्रिटेन शामिल है.
हालांकि अमरीका और दूसरे स्थान वाले चीन के अरबपतियों की संख्या में काफ़ी अंतर है. अमरीका में चीन के मुक़ाबले 1,340 अरबपति ज़्यादा हैं. अमरीका में अरबपतियों की तादाद 1,830 है. इसी लिस्ट में भारत भी 200 अरबपतियों के साथ ग्यारहवें स्थान पर है.
साल 2016 और 2017 के बीच अरबपतियों का संख्या सबसे ज़्यादा हॉन्ग कॉन्ग (23 फीसदी) में बढ़ी. वहीं ब्रिटेन में 4 फीसदी अरबपति कम भी हुए. भारत में 2016 और 2017 के बीच 18 फ़ीसदी अरबपति बढ़ गए.
एक ये ज़्यादा घर और पासपोर्ट 
हम ये साफ़ कर दें कि आमतौर पर अरबपतियों के पास एक से ज़्यादा प्रॉपर्टी होती है और वे दुनिया में कई जगह रहते हैं.
इस रिपोर्ट के लिए जिन 500 प्राइवेट बैंकर्स को इंटरव्यू किया गया, उन्होंने बताया कि 50 करोड़ डॉलर से ज़्यादा संपति वाले ग्राहकों के कम से कम 3 घर हैं, जिसमें मुख्य और अतिरिक्त रिहायशी घर शामिल हैं.
इन सभी में एक से ज़्यादा मुख्य घर वाले अरबपति सबसे ज़्यादा मध्य एशिया में थे. औसतन चार घर वाले. सबसे कम मुख्य घर वाले अफ़्रीकी अरबपति हैं जिनके पास औसतन दो घर हैं.
इसके साथ-साथ अरबपतियों के पास दो पासपोर्ट होना यानी दो देशों की नागरिकताएं होना आम है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक सभी रूसी बैंक ग्राहकों में से 58 फीसदी के पास दो पासपोर्ट थे. 41 फीसदी लैटिन अमरीकी और 39 फीसदी मध्य एशियाई लोगों के पास दो नागरिकताएं थीं. नाइट फ़्रेक एलएलपी की लिस्ट काफ़ी चुनिंदा है.
इस लिस्ट में 2,208 लोग ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 100 करोड़ डॉलर है और फोर्ब्स 2018 लिस्ट में भी उन्हें जगह दी गई है.
उदाहरण के तौर पर जेफ़ बेज़ोस, बिल गेट्स और वॉरन बफ़ेट जो इस साल फोर्ब्स लिस्ट में टॉप पर हैं.
-BBC

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