विप्रो के संस्थापक Azim Premji ने की रिटायरमेंट की घोषणा

नई दिल्‍ली। देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में शुमार विप्रो के संस्थापक और फिलहाल एग्जिक्यूटिव चेयरमैन व प्रबंध निदेशक Azim Premji  ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है। 73 साल के Azim Premji ने कहा है कि वो 30 जुलाई को रिटायर होंगे।

बेटा संभालेगा कमान
कंपनी ने Azim Premji के बेटे रिशद प्रेमजी को अगले पांच सालों के लिए पूर्णकालिक निदेशक और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन पर नियुक्त कर दिया है। रिशद अब विप्रो समूह की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति 31 जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी।

510 करोड़ की है नेटवर्थ
फोर्ब्स की सूची में प्रेमजी का स्थान विश्व में 38वें स्थान पर है। उनकी कुल नेटवर्थ 510 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2018 में वो भारत में दूसरे नंबर पर अरबपति थे। पहले पायदान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी हैं।

मार्च में किए थे 34 फीसदी शेयर दान
आईटी दिग्गज और विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने विप्रो लिमिटेड के 34 फीसदी शेयर परोपकार कार्य के लिए दान कर दिए हैं। इन शेयर का बाजार मूल्य 52,750 करोड़ रुपये है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने बयान में कहा, “अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का त्याग कर, उसे धर्मार्थ कार्य के लिए दान कर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है जिससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार कार्यों को सहयोग मिलेगा।”

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने बयान में कहा, “अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का त्याग कर, उसे धर्मार्थ कार्य के लिए दान कर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है। जिससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार कार्यों को सहयोग मिलेगा।”

बयान के मुताबिक इस पहल से परोपकारी कार्य के लिए प्रेमजी द्वारा दान की गई कुल रकम 145,000 करोड़ रुपये (21 अरब डॉलर) हो गई है। जो कि विप्रो कंपनी के आर्थित स्वामित्व का 67 फीसदी है।

इससे अजीम फाउंडेशन दुनिया की बड़ी फाउंडेशन की सूची में शुमार हो गई है। 73 वर्षीय प्रेमजी ऐसे पहले भारतीय हैं जिन्होंने ‘द गिविंग प्लेज इनीशिएटिव’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल की शुरुआत बिल गेट्स और वॉरेन बफेट ने की थी। जिसके तहत अपनी 50 फीसदी संपत्ति परोपकारी कार्य के लिए देने का वादा किया जाता है।

अजीम प्रेमजी ने ‘अजीज प्रेमजी फाउंडेशन’ समाजसेवा के लिए बनाई है। जो मुख्य रूप से शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। इस क्षेत्र में काम करने वालों को ये फाउंडेशन आर्थिक मदद भी देती है। फाउंडेशन का लक्ष्य पब्लिक स्कूलिंग को बेहतर करना है।

ये फाउंडेशन कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों में सक्रिय है। बीते पांच साल में वंचित तबकों के लिए काम कर रहे करीब 150 एनजीओ को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से फंड मिला है।
-एजेंसी

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