फडणवीस ने क्यों लिखा, सूअर से कभी कुश्ती नहीं लड़नी चाहिए

पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवाब मलिक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्हें जवाब देते हुए एक ट्वीट किया है। हालांकि इस ट्वीट में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है। इस ट्वीट में फडणवीस ने लिखा है, ‘बहुत पहले मैंने यह पढ़ा था कि सूअर से कभी कुश्ती नहीं लड़नी चाहिए। वरना आपके कपड़े खराब हो जाएंगे लेकिन सूअर को इसमें मजा आएगा’।
आपको बता दें कि नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस पर अंडरवर्ल्ड के सीधे संबंध रखने का आरोप लगाया है। मलिक ने यह भी कहा कि देवेंद्र फडणवीस की देखरेख और संरक्षण में जाली नोटों का काला कारोबार होता था।
मलिक ने फडणवीस पर लगाए गंभीर आरोप
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मलिक ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र में जाली नोटों का रैकेट चलवाते थे। उनके संरक्षण और देखरेख में जाली नोटों का काला कारोबार मुंबई में और महाराष्ट्र में होता था।
गुंडों को चेयरमैन क्यों बनाया
नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस पर यह भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल के दौरान कुख्यात गुंडों को और अंडरवर्ल्ड के लोगों को सरकारी बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। मलिक ने नागपुर से कुख्यात गुंडे मुन्ना यादव को कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाने का भी आरोप लगाया। मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि हैदर आजम नाम के गुंडे को भी महामंडल का अध्यक्ष बनाया गया। हैदर आजम जो बांग्लादेशी लोगों को मुंबई में बसाने का काम करता है। हैदर आजम की दूसरी पत्नी बांग्लादेशी है, जब इस मामले की जांच मुंबई की मलाड पुलिस ने शुरू की। तब इस मामले को दबाने का काम किया।
रियाज़ भाटी से फडणवीस के क्या संबंध हैं
नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि जिस रियाज़ भाटी को मुंबई के सहार एयरपोर्ट पर दो-दो पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके साथ देवेंद्र फडणवीस के क्या संबंध हैं? पूरा मुंबई शहर रियाज भाटी के बारे में जानता है। रियाज भाटी और अंडरवर्ल्ड का क्या संबंध है? यह भी जगजाहिर है। बावजूद इसके प्रयास भाटी, देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के कार्यक्रमों में कैसे पहुंचता था? जिस व्यक्ति पर जाली पासपोर्ट का आरोप है। वह व्यक्ति बिना जांच पड़ताल के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम तक कैसे पहुंचा और उनके साथ फोटो कैसे खिंचवाई? मलिक ने फडणवीस पर आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान अपराधियों को बड़ी ही चालाकी से सिस्टम में लाने का काम किया गया।
जाली नोटों का रैकेट चलवाने का आरोप
नवाब मलिक ने देवेंद्र फडणवीस पर जाली नोट का रैकेट चलाने का भी आरोप लगाया है। मलिक ने कहा कि जो लोग जाली नोट का कारोबार करते हैं। देवेंद्र फडणवीस उनको संरक्षण देते हैं। मलिक ने कहा कि जब देश में नोटबंदी हुई तब मोदी जी ने कहा था कि नोटबंदी इसलिए की जा रही है, ताकि आतंकवाद और कालाधन खत्म हो सके। उन्होंने कहा था कि नोटबंदी से बड़े पैमाने पर जाली नोट भी खत्म हो जाएंगे। नोटबंदी के बाद दूसरे राज्यों में जाली नोट पकड़े भी जाने लगे। मध्यप्रदेश, तमिलनाडु में जाली नोट पकड़े भी गए। हालांकि 8 अक्टूबर 2017 तक तकरीबन एक साल तक महाराष्ट्र में जाली नोट पकड़ने का एक भी मामला नहीं आया था, क्योंकि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में जाली नोटों का कारोबार चल रहा था।
मलिक ने कहा कि पाकिस्तान के जाली नोट भारत में चले तो मामला दर्ज होकर महज कुछ ही दिनों में जमानत भी हो जाती है। मामला एनआईए को नहीं दिया जाता,नोट कहां से आ रहे थे और कहां जा रहे थे। उस जांच को आगे नहीं बढ़ाया जाता है क्योंकि जो लोग यह रैकेट चला रहे थे उन्हें फडणवीस सरकार का समर्थन प्राप्त था।
वानखेड़े बने मददगार
नवाब मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि देवेंद्र फडणवीस द्वारा चलाए जा रहे हैं जाली नोटों के रैकेट का पाकिस्तान से कनेक्शन है। जब 14 करोड़ 56 लाख रुपए का जाली नोट पकड़ा गया था। उस मामले में जिस व्यक्ति इमरान आलम शेख को पकड़ा गया, उसके भाई को देवेंद्र फडणवीस ने माइनॉरिटी कमीशन का चेयरमैन बना दिया। जब यह जाली नोट पकड़ा गया था, उस समय समीर वानखेडे डीआरआई में तैनात थे। उन्होंने फडणवीस के कहने पर उस मामले को रफा-दफा करवा दिया था।
देवेंद्र फडणवीस की गुंडों से दोस्ती
नवाब मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि देवेंद्र फडणवीस अंडरवर्ल्ड के लोगों और पुलिस की मदद से मुंबई, ठाणे समेत महाराष्ट्र में जमीन पर कब्जा करने का काम करते थे। मलिक ने कहा कि फडणवीस ने ठाणे शहर में पुलिस कमिश्नर को इस काम के लिए तैनात करवाया था। विदेश से अंडरवर्ल्ड डॉन का फोन आता था और उसके बाद पुलिस की मदद से मामले को सेटल किया जाता था। यह सारा काम पर फडणवीस की देखरेख में होता था।
-एजेंसियां

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