जब खांसी अलग-अलग तो सिरप एक क्‍यों, डॉक्टर की सलाह जरूरी

मौसम बदलने के साथ खांसी-जुकाम होना नॉर्मल है। हालांकि खांसी भी एक तरह की नहीं होती। खांसी अलग है तो जाहिर सी बात है सिरप भी एक से नहीं होते। यहां हैं कुछ जानकारी जो आपके काम आ सकती है।
बदलते मौसम के साथ जुकाम-खांसी आम समस्या है। खांसी एक नेचुरल रिफ्लक्स है जो आपके लंग्स की सुरक्षा करती है। खांसने से आपके फेफड़ों की नलियों में छिपी हानिकारक चीजें साफ होती हैं लेकिन कई कफ वायरल इंफेक्शंस जैसे कोल्ड और फ्लू से पैदा होते हैं। जहां कई बार कफ अपने आप ठीक हो जाता है, वहीं कभी-कभी आपको कफ के लिए दवा भी लेनी पड़ सकती है। सभी कफ एक जैसे नहीं होते तो दवा भी एक तरह नहीं हो सकती।
सामान्य तौर पर खांसी दो तरह की होती है। पहली, कफ या बलगम वाली खांसी और दूसरी सूखी खांसी
कफ या बलगम वाली खांसी
अगर आपको कफ वाली खांसी है तो ऐसा कफ सिरप लेना चाहिए जो इस कफ को आपके फेफड़ों से बाहर निकाले। इसके लिए एक्सपेक्टोरैंट सिरप आते हैं। ये कफ को पतला करके इसे बाहर निकालने में मददगार होते हैं। आप डॉक्टर की सलाह पर एक्सपैक्टोरेंट ले सकते हैं इसके साथ ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं इससे म्यूकस पतला होगा।
एक्सपेक्टोरैंट सिरप आपका कफ निकालते हैं। अगर आपको खांसी से दर्द, जकड़न या सांस फूलने या सांस लेने की समस्या को दूर करने के लिए ब्रॉन्कोडायलेटर ले सकते हैं। यह एयर पैसेज को खोलर सांस लेना आसान करते हैं। ब्रॉन्कोडायलेटर को आप डॉक्टर की सलाह पर सिरप या इनहेलर के तौर पर ले सकते हैं।
सूखी खांसी
सूखी खांसी में कोई कफ नहीं आता लेकिन यह काफी दिक्कत देती है। इसके लिए आपको कफ सप्रेसैंट्स दिए जाते हैं। कफ सप्रेसैंट से खांसी में आराम मिलता है। सामान्य तौर पर ये सिरप के तौर पर लिए जाते हैं, इन्हें डॉक्टर की सलाह पर लेना चाहिए।
थ्रोट लॉन्जेज
ये छोटी गोलियां होती हैं जो कि मुंह में घुलकर खांसी रोकती हैं। इनमें शहद, अदरक, पेपरमिंट, मेंथॉल, यूकेलिप्टस ऑइल, सप्रेसेंट और दूसरे सूदिंग एजेंट्स होते हैं।
फायदा: यह थोड़ी देर के लिए आपकी खांसी रोकती हैं और गले को राहत देती हैं।
जरूर याद रखें ये बातें
-तीन हफ्तों से ज्यादा खांसी बुखार के साथ आए तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।।
-बेहतर होगा कोडीन वाले कफ सिरप न लें क्योंकि इनकी आदत पड़ जाती है।
-बच्चों या बड़ों ऐंटी-ऐलर्जी दवाएं न दें वर्ना उन्हें नींद आती रहेगी।
-कई सिरप्स में सप्रेसैंट्स, एक्सपेक्टोरैंट्स और ऐनाल्जेसिक्स होते हैं, इन्हें न लें क्योंकि जरूरी नहीं कि आपको ये तीनों ही समस्याएं हों।
-एजेंसियां

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