जब मायके जाने लगी मुल्‍ला नसरुद्दीन की बेगम

मुल्‍ला नसरुद्दीन की बेगम उसके लाख मना करने के बाद भी मायके जाते वक्‍त अपने साथ रेलवे स्‍टेशन पर बहुत सारा सामान ले आई।
मुल्‍ला ने भी सोचा कि क्‍यों न बेगम को उसकी जिद के लिए सबक सिखाया जाए।
मुल्‍ला तब तक तो चुप रहा जब तक कि ट्रेन प्‍लेटफॉर्म पर नहीं आ गई।
ट्रेन को प्‍लेटफॉर्म पर आता देख मुल्‍ला ने कहा, अच्‍छा होता तुम वो स्‍टील की आलमारी और ले आतीं जिसमें तुम्‍हारा शादी का जोड़ा और बहुत से दूसरे अच्‍छे कपड़े रखे हैं। मायके में काम आते तुम्‍हारे।
इस पर बेगम ने त्‍यौरियां चढ़ाकर मुल्‍ला की ओर देखा और बोली- चलते समय तो ताने देने से बाज आइए वर्ना मायके से लौटने पर भी मुझे विचार करना होगा।
मुल्‍ला ने मुंह में पूरी तरह मिश्री घोलकर जवाब दिया- कैसी बातें कर रही हो। खुदा का वास्‍ता, मेरा तुम्‍हें ताने मारने का कोई इरादा नहीं है। मैं तो यह बताना चाह रहा था कि तुम्‍हारा रिजर्वेशन टिकट उसी स्‍टील की आलमारी में है।