पश्चिम बंगाल के सोनारपुर की जनसभा में पीएम मोदी और जुल्फिकार के बीच कान में आखिर क्‍या गुफ़्तगू हुई?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर सामने आई। तारीख 3 अप्रैल, जुल्फिकार सोनारपुर में आयोजित प्रधानमंत्री मोदी की रैली में आए थे। जुल्फिकार ने नमाजी टोपी पहनी हुई थी।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुल्फिकार के कंधे पर हाथ रखा और उनसे बातचीत की। उस रोज पीएम मोदी से जुल्फिकार की क्या बातचीत हुई। जुल्फिकार को पीएम मोदी से मिलकर कैसा लगा। वह अब क्या सोचते हैं। इन तमाम सवालों के जवाब के जुल्फिकार अली उर्फ जुल्फी से बातचीत के बाद मिले।
जुल्फिकार कहते हैं, ‘मंत्री फिरहाद हकीम भी कहते हैं कि वो इस जगह (पोर्ट विधानसभा) को मिनी पाकिस्तान समझते हैं। हम जैसे भारतीय जब तक हैं, तब तक इसे ना बांग्लादेश, ना पाकिस्तान बनने देंगे। जो लोग राष्ट्रहित के बारे में सोचते हैं, परिवार के बारे में सोचते हैं, देश के बारे में सोचते हैं, वे इसे पाकिस्तान और बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। वरना हम लड़कर मर जाएंगे। कहते हैं ना कि लोहा लोहे को काटता है। हम जैसे मुसलमान जब तक रहेंगे, तब तक इसे मिनी पाकिस्तान तो नहीं बनने देंगे। 3 अप्रैल को जनसभा में मेरा जाने का मन नहीं था। पहले जब ब्रिगेड में कार्यक्रम हुआ था तो पार्किंग की जिम्मेदारी मेरे पास थी। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं वहां तक पहुंच जाऊंगा। मैंने सोचा था कि एक बार प्रधानमंत्री मोदी को दूर से देख लूं और उनको प्रणाम कर लूं। मैं उन्हें बहुत फॉलो करता हूं।’
‘मेरी जेब में रखी थी नमाजी टोपी और…’
जुल्फिकार कहते हैं, ‘सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर लोगों को भ्रमित किया गया है। असल में यह हमारी भलाई के लिए है। 3 अप्रैल को जब मैं कार्यक्रम में पहुंचा तो एसपीजी ने हमें समझाया। फिर हमारा कोरोना टेस्ट हुआ। पहली बार पता नहीं क्या हुआ कि मैं वहां कुछ भी सुन नहीं पा रहा था। मैं हेलिपैड के पास खड़ा था। मैं बहुत एक्साइटेड था कि वो मेरे सामने से जाएंगे और मैं उन्हें दूर से प्रणाम कर लूंगा। एसपीजी ने कहा था कि आप पीएम मोदी के पैर नहीं छुएंगे। इत्तेफाक से एक दिन पहले मैं जुमे की नमाज में गया था। वही पैंट मैंने पहनी हुई थी। उसमें स्कल कैप (नमाजी टोपी) रखी हुई थी। वहां पर मेघनाथ पोद्दार नाम के एक शख्स थे। उन्होंने कहा कि आप नमाजी टोपी पहन लीजिए, आप अच्छे दिखेंगे। मुझे बहुत अच्छा लगा कि बीजेपी में सब धर्मों का सम्मान किया जाता है।’
‘…तभी पीएम मोदी गाड़ी से आ रहे थे’
पीएम मोदी से मिलने वाले जुल्फिकार कहते हैं, ‘मैं मुसलमानों से पूछना चाहता हूं कि उन्हें हिंदुस्तान बोलने में क्या दिक्कत है। यह बात स्पष्ट है कि यह हिंदुओं का स्थान है। कुछ लोग कहते हैं कि यह हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। मेरा सवाल है कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार होता है, क्या यह सही है, क्या यह इस्लाम में है। यह चीज बहुत गलत है। भारत में, हमारे हिंदुस्तान में मुसलमानों को आजादी है। पीएम मोदी की गाड़ी आ रही थी। एसपीजी ने कहा था कि हेलिकॉप्टर के टायर की सीध में खड़े हों।’
‘पीएम मोदी ने पूछा कि क्या बनना चाहते हैं’
जुल्फिकार कहते हैं, ‘पीएम मोदी गाड़ी में आ रहे थे। सभी ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया। मैंने उन्हें सलाम किया। पीएम मोदी ने भी उसी अंदाज में सलाम किया। फिर वह गाड़ी से उतरे। उन्होंने मेरा नाम पूछा। मैंने बताया कि मेरा नाम जुल्फिकार अली है। हेलिकॉप्टर की तेज आवाज की वजह से वह शायद सुन नहीं पाए। फिर वह करीब आए तो मैंने अपना नाम बताया। उन्होंने मेरे कंधे में हाथ रखा, उन्होंने मुझसे पूछा कि आप क्या बनना चाहते हैं। मैंने उनसे कहा कि मैं काउंसलर नहीं बनना चाहता, मैं विधायक नहीं बनना चाहता, मैं सांसद नहीं बनना चाहता। मैं राष्ट्रहित में काम करना चाहता हूं।’
‘प्रधानमंत्री ने कहा जल्द आपसे मुलाकात होगी’
जुल्फी ने कहा, ‘वह बोले… और आप क्या चाहते हैं। मैंने कहा कि एक फोटो अगर आपके साथ हो जाए। मैंने अपनी जेब की तरफ हाथ बढ़ाया ताकि फोन निकाल सकूं। तभी पीएम मोदी ने अपने साथ मौजूद फोटोग्राफर को इशारा किया। उन्होंने मुझसे कहा कि आप सामने देखिए, मेरी और पीएम मोदी की फोटो खींची जाने लगी। उन्होंने मुझसे कहा कि जल्द आपसे मुलाकात होगी।’
-एजेंसियां

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