क्या है Dark Mode पर गैजेट्स चलाने के दावों का सच

नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों में स्मार्टफोन में Dark Mode काफी पॉप्युलर रहा है। इसकी कई सारे वजहें है। दरअसल Dark Mode न सिर्फ फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बैटरी की बचत करता है, बल्कि आंखों की जलन और बाकी दिक्कतों को कम करने में सहायक है। अक्सर कहा जाता है कि अगर आप आंखों की ख्याल रखना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को Dark Mode पर चलाएंं लेकिन इन दावों में सच्चाई नहीं है।

डॉर्क मोड से बैटरी की बचत की सच्चाई
डॉर्क मोड से बैटरी की कम खपत होती है, यह कुछ हद तक सच है। बता दें कि केवल OLED स्क्रीन वाले स्मार्टफोन में डॉर्क मोड बैटरी की कम खपत करता है। लेकिन LED स्क्रीन वाले स्मार्टफोन में डॉर्क मोड बैटरी की खपत को नहीं रोक पाता है। दरअसल स्क्रीन टाइप डॉर्क मोड में बैटरी की बचत में काफी अहम रोल अदा करता है।

आखों को डॉर्क मोड से कम नुकसान की सच्चाई

बिजनेस इनसाइडर ने Yale Medicine Ophthalmology के आंख रोग विशेषज्ञ Brian M. DeBroff के हवाले से लिखा है कि डॉर्क मोड आंखों को होने वाले नुकसान से बचान में कारगर नहीं है। यह आई स्ट्रेन जैसे सिर दर्द और आंखों में नम की कमी को रोकने में कारगर नहीं है। लेकिन इससे आपकी macula को कोई नुकसान भी नहीं होता है। macula आपकी रेटीना में सेंटर में स्थित होता है, जो कि आपकी नजर के लिए काफी जरूरी होता है।

डॉर्क मोड के फायदे

डॉर्क मोड ब्लू लाइट के उत्सर्जन को कम कर देता है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल करते वक्त आपको जल्दी नींद आ जाती है, जो कि रात के वक्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल करने वालों के लिए फायदेमंद है।

क्या होता है डॉर्क मोड

डॉर्क मोड यूजर को व्हाइट या फिर लाइट कलर बैकग्राउंड को डॉर्क या ब्लैक कलर में बदलने का ऑप्शन देता है। मतलब आपकी डिवाइस का लाइट बैकग्राउंड और व्हाइट कलर बिल्कुल विपरीत हो जाएगा। डॉर्क मोड में बैकग्राउंट डॉर्क और टेक्स्ट व्हाइट हो जाएगा। OLED स्क्रीन हर एक पिक्सल से लाइट जनरेट करता है। मतलब ब्लैक पिक्सल कोई पावर का इस्तेमाल नहीं करते हैं। जबकि LCD पैनल में लाइट एज से मिलती है। ऐसे में स्क्रीन को पूरी तरह से ब्लैक करने पर कुछ पावर इस्तेमाल होता है।

कैसे स्विच करें डॉर्क मोड में

डॉर्क मोड में स्विच करने के लिए यूजर को डिवाइस की सेटिग में जाना होगा, जहां डिस्प्ले और ब्राइटनेस सेटिंग मौजूद होती है। साथ ही कुछ ऐप्स के अपने डॉर्क मोड होते हैं, जिन्हें ऐप्स की सेटिंग में जाकर बदलना होगा।
– एजेंसी

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