बुद्ध पूर्णिमा का क्‍या है चांद से संबंध, विज्ञान के लिए भी अहम

अभी हिंदू कैलेंडर का वैशाख महीना चल रहा है। आज यानी 7 मई को पूर्णिमा है, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।
पूरे एशिया में धार्मिक रूप से तो ये दिन अहम है ही, विज्ञान के नजरिए से देखें तो भी आज का दिन बेहद अहम है। आज के दिन चांद धरती के सबसे करीब आ जाता है, जिसकी वजह से वह आम दिनों की तुलना में कुछ बड़ा दिखता है। इसे पेरिजी कहते हैं।
क्या है पेरिजी?
वह दिन और समय जब चांद और धरती एक-दूसरे के सबसे करीब होते हैं तो इस स्थिति को पेरिजी (perigee) कहा जाता है। इसी दिन सुपरमून दिखाई देता है, जिसे सुपर फ्लावर मून भी कहते हैं।
अधिक चमकीला दिखेगा चांद
चांद पृथ्वी के बेहद करीब होता है इसलिए और दिनों की तुलना चांद करीब 16 फीसदी अधिक चमकीला दिखता है। बता दें इस दौरान धरती और चांद के बीच की दूरी 3,56,500 किलोमीटर हो जाती है।
27 अप्रैल 2021 को दिखेगा पिंक मून
आज सुपर फ्लावर मून दिख रहा है जबकि नासा के अनुसार 27 अप्रैल को 2021 को पिंक मून देखा जा सकेगा। यानी उसके लिए अभी एक साल से भी अधिक का इंतजार करना पड़ेगा।
-एजेंसियां

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