पाकिस्तान में अपने नागरिक की बर्बर हत्‍या पर श्रीलंका के पीएम क्या बोले?

पाकिस्तान के सियालकोट में एक श्रीलंकाई नागरिक को ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डालने के मामले में श्रीलंका ने भी अपना दुख और ग़ुस्सा ज़ाहिर किया है.
श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने पाकिस्तान में अपने नागरिक की बर्बर हत्या को लेकर कहा है कि यह दिल दहलाने वाला है. महिंदा राजपक्षे ने अपने ट्वीट में लिखा है, ”प्रियंथा दियावदाना पर पाकिस्तान में अतिवादी भीड़ का बर्बर हमला दिल दहलाने वाला है. प्रियंथा की पत्नी और परिवार के साथ मेरी संवेदना है. श्रीलंका और यहाँ के नागरिकों को भरोसा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान इस संगीन अपराध में शामिल लोगों को न्याय के कठघरे में लाएंगे.”
श्रीलंका के युवा एवं खेल मामलों के मंत्री और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि ‘अगर चरमपंथी ताक़तें ऐसी ही आज़ादी से घूमेंगी तो यह किसी के साथ भी हो सकता है.’
नमल राजपक्षे ने ट्वीट कर कहा, “चरमपंथी भीड़ के ज़रिए प्रियांथा दियावदाना की क्रूर हत्या समझ से बाहर है. हालांकि मैं प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के वादे की सराहना करूंगा, जो उन्होंने कहा है कि ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दी जाएगी. हमें सावधान रहना चाहिए कि अगर चरमपंथी ताक़तों को आज़ादी से घूमने की अनुमति होगी तो यह हर किसी शख़्स के साथ हो सकता है.”
पाकिस्तान में हुई इस दर्दनाक घटना पर श्रीलंका का मीडिया भी दुख जता रहा है.
श्रीलंका के दैनिक अंग्रेज़ी अख़बार सीलोन टुडे लिखता है कि श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसे आशा है कि पाकिस्तानी प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करेगा और इंसाफ़ सुनिश्चित करेगा.
अख़बार लिखता है कि इस्लामाबाद में श्रीलंका उच्चायोग पाकिस्तानी प्रशासन से इस घटना की पूरी जानकारी इकट्ठा कर रहा है.
श्रीलंकाई मीडिया ने और क्या कहा
सीलोन टुडे अख़बार ने अपनी एक दूसरी रिपोर्ट में लिखा है कि इस मामले में अब तक 50 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
अख़बार लिखता है कि श्रीलंकाई फ़ैक्ट्री मैनेजर प्रियांथा की हत्या मामले में कम से कम 50 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है.
वहीं श्रीलंका के दूसरे बड़े अंग्रेज़ी अख़बार डेली मिरर ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के बयान को अपने पन्ने पर जगह दी है.
अख़बार ने लिखा है कि ‘इमरान ख़ान ने कहा- ज़िम्मेदार लोगों को पूरी गंभीरता के साथ सज़ा दी जाएगी.’
अख़बार लिखता है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि वो सियालकोट में ईशनिंदा के आरोप में हुई श्रीलंकाई नागरिक की हत्या के इस मामले को देख रहे हैं और जो भी ज़िम्मेदार हैं उन्हें क़ानून की पूरी गंभीरता के साथ सज़ा दी जाएगी.
विदेशी मीडिया ने भी की आलोचना
ब्रिटेन के मशहूर अख़बार द गार्डियन ने भी इस ख़बर को अपने यहाँ जगह दी है. इस ख़बर को अख़बार ने शीर्षक दिया है, ‘कथित ईशनिंदा पर पाकिस्तान में एक व्यक्ति को प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया.’
अख़बार लिखता है कि ‘कथित तौर पर एक पोस्टर फाड़ने के ऊपर ईशनिंदा का आरोप लगाकर पाकिस्तान में भीड़ ने एक श्रीलंकाई व्यक्ति को प्रताड़ित किया, उसकी हत्या की और फिर उसके शव को जला दिया.’
रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि ‘सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे भयानक वीडियो में प्रियांथा दियावदाना को ज़मीन पर गिराया जा रहा है, जहाँ सैकड़ों लोग उनके कपड़े फाड़ रहे हैं और बुरी तरह पीट रहे हैं. पीट-पीटकर उन्हें मार डाला गया और फिर उसके बाद उनके शव को जला दिया गया. भीड़ में शामिल दर्जनों लोगों को उनके शव के साथ सेल्फ़ी लेते देखा गया.’
“पुलिस असिस्टेंट कमिश्नर मोहम्मद मुर्तज़ा ने बताया है कि फ़ैक्ट्री की इमारत की मरम्मत का काम चल रह था, जब दीवार से कुछ पोस्टर हटाए गए. उनमें शायद ऐसे भी पोस्टर रहे हों जिन पर पैग़ंबर मोहम्मद का नाम लिखा था. शायद मैनेजर को इसी की वजह से पीट-पीटकर मारा गया.”
“मुर्तज़ा ने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश वो इस समय किसी भी बात की न ही पुष्टि कर सकते हैं और न ही उसे ख़ारिज कर सकते हैं. हत्या के लिए ईशनिंदा का इस्तेमाल किया गया है लेकिन हत्या का कारण व्यक्तिगत और निशाना बनाकर किया गया भी हो सकता है. इस मामले की जांच जारी है.”
अख़बार लिखता है कि मुर्तज़ा ने कम से कम 50 लोगों की गिरफ़्तारी का दावा किया है और उन्होंने बताया है कि वीडियो फ़ुटेज के आधार पर पुलिस और गिरफ़्तारियां करेगी.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी घटना पर दुख जताया है, जिसे अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में जगह दी है.
अख़बार लिखता है कि पाकिस्तान एक इस्लामी राष्ट्र है, जहां पर ईशनिंदा के ख़िलाफ़ ‘कुख्यात कठोर क़ानून हैं’ जिनमें मौत की सज़ा का प्रावधान है. इन क़ानूनों को अक्सर धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जाता है.
वहीं हॉन्ग कॉन्ग के मशहूर अंग्रेज़ी अख़बार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने भी इस ख़बर को अपने यहाँ जगह दी है और उसने इस घटना और इमरान ख़ान के बयान को अपना शीर्षक बनाया है.
अख़बार का शीर्षक है ‘पाकिस्तान में श्रीलंकाई व्यक्ति को भीड़ ने प्रताड़ित किया और हत्या कर दी, प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा राष्ट्र के लिए शर्म का दिन.’
अख़बार लिखता है कि पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से में एक फ़ैक्ट्री कर्मचारियों की भीड़ ने श्रीलंकाई मैनेजर पर ‘भयानक हमला’ करके प्रताड़ित किया और उसको जला दिया.
प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता हसन खावर के बयान के आधार पर अख़बार लिखता है कि ‘फ़ैक्ट्री के कर्मचारियों ने मैनजर को प्रताड़ित किया, कुल 50 लोगों की पहचान करके उनकी गिरफ़्तारी की गई है.’
मुख्य अभियुक्त की गिरफ़्तारी का दावा
बीबीसी उर्दू ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पंजाब पुलिस ने इस मामले में मुख्य अभियुक्त को गिरफ़्तार करने का दावा किया है.
पुलिस ने अभियुक्तों पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ धाराएं लगाते हुए उन पर मामले दर्ज किए हैं.
पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुख्य अभियुक्त को वीडियो में कथित तौर पर हिंसा करते और लोगों को उकसाते देखा जा सकता है.
पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि उन्होंने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनकी भूमिका की जाँच सीसीटीवी फ़ुटेज से की जा रही है. साथ ही अन्य अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.
सियालकोट पुलिस ने बताया था कि मारे गए व्यक्ति की पहचान प्रियांथा कुमारा के रूप में हुई है जो सियालकोट के वज़ीराबादा रोड पर स्थित एक निजी फ़ैक्ट्री में एक्सपोर्ट मैनेजर के पद पर थे.
सियालकोट में अस्पताल के सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि बुरी तरह जले हुए शव को उनके पास लाया गया था. अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक “शरीर लगभग राख हो गया है.”
-एजेंसियां

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