पश्चिम बंगाल: राज्यपाल ने कहा, ममता राज में है सेंसरशिप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी सरकार में सियासी जंग तेज होती जा रही है। राज्‍यपाल धनखड़ ने राज्य के नॉर्थ 24 परगना जिले में अपनी बैठक में शामिल होने से सरकारी अधिकारियों के इंकार के बाद कहा है कि उन्हें ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में किसी प्रकार की सेंसरशिप लागू है। उन्‍होंने कहा कि अधिकारियों का बैठक में शामिल होने से इंकार करना असंवैधानिक है और मैं राज्‍य सरकार के नीचे नहीं आता हूं।
इससे पहले नॉर्थ 24 परगना जिले के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशासनिक दौरे को देखते हुए राज्यपाल की बैठक में शामिल होने से इंकार कर दिया था। धनखड़ ने उनके इंकार को ‘असंवैधानिक’ बताया है।
राज्यपाल ने कहा, ‘जिला अधिकारियों के पत्र देखकर मैं हैरान हूं। पत्रों में उन्होंने बैठकों में शामिल होने में असमर्थता जताई है, वह भी तब जबकि उन्हें 4 दिन पहले इस बाबत सूचना दी गई थी। पता नहीं, लेकिन ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में किसी तरह की सेंसरशिप है।’
‘मैं जिलों का अपना दौरा जारी रखूंगा’
राज्‍यपाल ने कहा, ‘इसके बावजूद मैं जिलों का अपना दौरा जारी रखूंगा।’ बता दें कि राज्यपाल ने पिछले हफ्ते उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना जिलों के जिला मैजिस्ट्रेट, नौकरशाहों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने मंगलवार से यहां का दौरा प्रारंभ किया है। राजभवन के सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल कार्यालय को सोमवार शाम दो जिलों के जिला मैजिस्ट्रेट से पत्र मिले जिनमें कहा गया था कि अधिकारी मुख्यमंत्री के उत्तर बंगाल के दौरे में व्यस्तता के चलते राज्यपाल की बैठकों में शामिल नहीं हो पाएंगे।
विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा
बता दें कि राज्‍यपाल धनखड़ और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद चल रहे हैं। इस बीच बीजेपी राष्‍ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा है। विजयवर्गीय ने इस मुद्दे पर कहा, ‘पश्चिम बंगाल सरकार ममता बनर्जी की सरकार है, यह संविधान का पालन नहीं करती है। यदि राज्‍य के राज्‍यपाल को अनुमति लेनी पड़ रही है तो इससे पता चलता है कि ममता बनर्जी का कानून जो पश्चिम बंगाल में चलता है, वह देश का कानून नहीं है।’
-एजेंसियां

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