संस्कृति यू. में कैम्पस placement को आ रही हैं प्रसिद्ध कंं.

मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी के placement विभाग ने अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ही नहीं अब अपने पूर्व के विद्यार्थियों को भी सुप्रसिद्ध कम्पनियों में अच्छे पैकेज परजॉब दिलाने का निश्चय किया है। इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने एक सेल का गठन किया है जोकि पूर्व छात्र-छात्राओं से सम्पर्क कर उनकी स्थिति का आकलन करने के बाद उनका स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित करेगी।

ज्ञातव्य है कि बीते सत्र में संस्कृति यूनिवर्सिटी में कई बहुराष्ट्रीय कम्पनियां न केवल placement को आईं बल्कि यहां के छात्र-छात्राओं की कुशाग्रबुद्धि से प्रेरित होकर उन्हें अच्छे पैकेज पर जॉब के अवसर भी मुहैया कराए हैं। पिछले साल की शानदार उपलब्धियों को देखते हुए सत्रावसान के बाद से ही कई राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कम्पनियां प्लेसमेंट को लेकर संस्कृति यूनिवर्सिटी से निरंतर सम्पर्क में रही हैं।

यूनिवर्सिटी के हेड कार्पोरेट रिलेशन आर.के. शर्मा का कहना है कि नए सत्र के शुभारम्भ से पूर्व ही अब तक दो दर्जन से अधिक कम्पनियां सम्पर्क कर चुकी हैं। यह कम्पनियां संस्कृति यूनिवर्सिटी के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ही नहीं पूर्व विद्यार्थियों को भी अच्छे पैकेज पर जॉब देने की इच्छुक हैं। श्री शर्मा का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के जो पूर्व के छात्र-छात्राएं अभी तक नौकरी नहीं हासिल कर सके हैं या अपनी जॉब से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट विभाग से सम्पर्क कर अपने सुनहरे भविष्य को सुनिश्चित कर सकते हैं।

मैनेजर कार्पोरेट तान्या उपाध्याय का कहना है कि बीते सत्र में संस्कृति यूनिवर्सिटी के लगभग सभी तकनीकी शिक्षा के छात्र-छात्राओं को उच्च पैकेज पर मल्टीनेशनल कम्पनियों में जॉब के अवसर मिले हैं। इन कम्पनियों में कृष्णा मारुति लिमिटेड, द हाली-डे ग्रुप, एटीसी टायर प्राइवेट लिमिटेड, गैब्रियल इंडिया लिमिटेड, युग फार्मास्युटिकल, कोटक महिन्द्रा, बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग प्रा.लि., असाही इंडिया ग्लास लिमिटेड, अंश ग्रुप आफ इंजीनियरिंग एण्ड जीआईएस सोल्यूशंस, प्रीनव जीआईएस टेक्नोलाजीज प्रा.लि., हृदयम डिजाइन प्रा.लि., पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शंस, स्नो ह्वाइट इंफ्रास्ट्रेक्चर, स्पार्क्स आई.टी. सोल्यूशंस, आईसीआईसीआई बैंक, माइंड ट्री, राबर्ट्स बास, हीरो मोटर कार्प, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड, सिगाराम साफ्टवेयर टेक्नोलाजी आदि शामिल हैं।

कुलाधिपति सचिन गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के शैक्षिक पाठ्यक्रम में आधुनिक टेक्निक और प्रोसेस को समाहित किया गया है। संस्कृति यूनिवर्सिटी में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगामी बीस वर्षों की एक प्रभावी नीति को दृष्टिगत रखते हुए काम किया जा रहा है। यहां छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक तकनीकी लैब, स्किल डेवलपमेंट विभाग, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, रोबोटिक शिक्षा, इंटर्नशिप आदि का प्रावधान है। उपकुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी का व्यावसायिक एजेंसियों से सीधा अनुबंध है। संस्कृति यूनिवर्सिटी ने समय के साथ चलने और इसके लिए जरूरी उपायों को करने में तत्परता एवं अभिरुचि दिखाई है। तकनीकी शिक्षा को लेकर हमारी सोच इन्हीं पहलुओं पर केन्द्रित है।

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