प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पर संस्कृति विवि में वेबिनार आयोज‍ित

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स द्वारा “प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एज प्रोफेशन: की स्किल्स रिक्वायर्ड टू बी सक्सेसफुल” पर एक विशेष राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।
वेबिनार के मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय स्पीकर और हड़प्पा शिक्षण संस्थान के एसोसिएट डायरेक्टर प्रोफेसर सौरभ बजाज थे। वेबिनार को जूम ऐप के माध्यम से संचालित किया गया। इस वेबिनार का प्रसारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यू ट्यूब के द्वारा प्रसारित हुआ।

प्रो.सौरभ बजाज ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पप्रोजेक्ट लाइफ साइकल और प्रोजेक्ट्स के परिचय, विकास, परिपक्वता और गिरावट चार प्रमुख भाग हैं। इसके अलावा उन्होंने राजस्व और लाभ अवधारणा, रिसर्च एंड डवलपमेंट के महत्व पर बारीकी से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सफल होने के लिए परयोजना बनाने की कुशलता, परियोजना प्रबंधक की भूमिका का कुशल निर्वहन और परियोजना प्रबंधक द्वारा विभिन्न प्रकार के कौशल की आवश्यकता होती है अर्थात ऐसे समय में हार्ड स्किल और सॉफ्ट स्किल की उपयोगिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने ने कहा इस क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए अनेक अवसर हैं। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, छात्रों को हर वह प्रयास करना चाहिए जो इस देश के विकास के लिए आवश्यक है। सरकार रोजगार के लिए कई सुविधाएं प्रदान कर रही है।

अंत में वेबिनार में भाग ले रहे विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रोफेसर बजाज से विषय संबंधी अनेक प्रश्न पूछे। प्रोफेसर बजाज ने सभी सवालों का विस्तार से जवाब देकर प्रश्नकर्ताओं की जिग्यासा का समाधान किया।

वेबिनार का शुभारंभ संस्कृति विवि के स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के विभागाध्यक्ष डा. सीपी वर्मा ने क‍िया व मुख्य वक्ता से सबको परिचित कराया। वेबिनार में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी, (उप्र), जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर (मप्र), दिल्ली विश्वविद्यालय, एमसीआरपीवी विश्वविद्यालय, भोपाल, आईटीएम विश्वविद्यालय ग्वालियर, केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान, हिंदुस्तान विश्वविद्यालय चेन्नई, लवकुश व्यावसायिक विश्वविद्यालय, पंजाब, जागरण लेकसिटी के संकाय सदस्यों और छात्रों ने भी भाग लिया।
117 संकाय सदस्य और 578 छात्र वेबिनार में सक्रिय रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा वेबिनार में संस्कृति विवि के कुलपति डॉ. राणा सिंह, एकडमिक डीन डॉ. अतुल कुमार, डॉ. डीसी वशिष्ठ, डॉ. जयदेव शर्मा, डॉ. प्रफुल्ल कुमार, डॉ. आदित्य पारीक, डॉ. हरविंदर कौर, आदि कई शिक्षक और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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