नियमित हाई हील पहनने के हैं कई साइड इफेक्‍ट

किसी खास मौके पर हाई हील की सैंडिल पहनने में कोई बुराई नहीं है लेकिन इसका हर रोज नियमित रूप से इस्तेमाल आपकी सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है।
अगर आप लंबे समय तक हाई हील्स पहने रहती हैं कुछ समय बाद आपको कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हर दिन के फुटवेअर के तौर पर हाई हील्स पहनने से पहले इसके घातक साइड इफेक्ट्स के बारे में जरूर जान लें…
स्पाइन और घुटनों पर असर
हाई हील की सैंडिल पहनने से स्पाइन के डिस्टर्ब होने का डर बना रहता है। साथ ही साथ हाई हील की सैंडिल पहनने से घुटनों पर बहुत दबाव पड़ता है जिसकी वजह से हाई हील पहनने वालों को अक्सर घुटने में दर्द की शिकायत बनी रहती है। इतना ही नहीं, इससे वजन का संतुलन भी बिगड़ जाता है जिसकी वजह से सभी ज्वाइंट्स और हड्डियों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
बिगड़ सकता है आपका पॉश्चर
हाई हील्स पहनने से आपके पैरों पर दबाव बढ़ जाता है। वहीं शरीर का ऊपरी हिस्सा संतुलन बनाने की कोशिश करता है और कई बार इस बैलेंस बनाने के चक्कर में आप अजीबो-गरीब तरीके से खड़े होने लगती हैं जिससे शरीर का पॉश्चर बिगड़ जाता है।
पीठ के निचले हिस्से में दर्द
हाई हील्स में पैरों को उतना आराम नहीं मिलता जितना नॉर्मल हील या फ्लैट फुटवेअर में। यह पैरों को पूरी तरह से सपोर्ट नहीं देती जिसके कारण पीठ में दर्द, सूजन और अकड़न पैदा होने लगती है। इससे बचने के लिए डॉक्टर हाई हील की बजाय आरामदायक स्लीपर या सैंडल पहनने की सलाह देते हैं।
रक्त वाहिकाएं ब्लॉक हो सकती हैं
हाई हील्स पहनने से पैरों की हड्डियों और उंगलियों में तनाव पैदा होता है जिससे ब्लड वेसल्स ब्लॉक हो जाती हैं और कुछ गंभीर परिस्थितियों में रक्त वाहिकाएं टूट भी जाती हैं जिससे पैरों में असहनीय दर्द होता है और पैरों में बहुत बेचैनी होती है। इसलिए पैरों की सेहत का ध्यान रखते हुए हाई हील पहनने से जितना संभव हो बचना चाहिए।
उंगलियों में होता है हाइपरटेंशन
हाई हील्स पहनने से उंगलियों में हाइपर टेंशन होता है, यह कहना है डॉक्टर्स का।
दरअसल, जितनी ज्यादा ऊंची हील होती है, पैरों के आगे वाले हिस्से पर उतना ही अधिक भार पड़ता है। इससे पैरों में थकान और दर्द जैसी कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। हाई हील पहनने से घुटनों पर लगभग 26 फीसदी तक दबाव बढ़ जाता है।
टखने में मोच आ सकती है
ऊंची हील वाली सैंडल पहनने पर टखने में मोच आने की संभावना सबसे ज्यादा होती है क्योंकि हील की शेप के कारण पैरों को उचित सरफेस नहीं मिल पाता है। हाई हील्स तभी पहनना चाहिए जब आपको सतह (surface) पर ही टहलना या चलना हो। अगर आपको गड्ढों से भरे और उबड़ खाबड़ असमतल रास्ते पर चलना हो तो हाई हील पहनना भारी पड़ सकता है।
काफ मसल्स में दर्द
काफ (calf) मसल्स में दर्द या सूजन हाई हील पहनने का एक अलग साइड इफेक्ट है। हाई हील के कारण मांसपेशियों की नसें सूज जाती है जिससे पैरों में बहुत अधिक दर्द होता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि चलने फिरने में काफी तकलीफ होती है और डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। जब तक आप हाई हील पहनी रहती हैं तब तक पैरों में कसाव और दबाव अधिक रहता है। इस कारण दर्द होना लाजिमी है।
लिंगामेंट कमजोर होने का खतरा
ऊंची एड़ी के सैंडल पहनने की आदत के कारण लिंगामेंट्स समय से पहले ही कमजोर हो जाते हैं जिससे आपको हड्डियों से जुड़ी समस्या हो सकती है। आमतौर पर महिलाओं की उम्र बढ़ने पर उन्हें जोड़ों एवं हड्डियों में दर्द का सामना करना पड़ता है लेकिन हाई हील्स पहनने के कारण यह समस्या एक उम्र में पहुंचने से पहले ही उत्पन्न हो सकती है। इसलिए अपने पैरों को चोट से बचाने के लिए ग्लैमरस हाई हील सैंडल पहनने से बचना चाहिए।
-एजेंसियां

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