Hazmat सूट पहनकर कोरोना पीड़‍ितों का हालचाल जाना रूस के राष्‍ट्रपति ने

कोरोना वायरस के कहर से सुपर पावर अमेरिका समेत विश्‍व के 194 देश जूझ रहे हैं। इस महमारी से अब तक 18,906 लोगों की मौत हो गई है जबकि 423,142 लोग संक्रमित हुए हैं।
कोरोना के साथ जारी इस जंग में पूरी दुनिया एक ऐसी ‘ढाल’ का इस्‍तेमाल कर रहा है जो पूरी किलर कोरोना के लिए अभेद्य बना हुआ है। इस ढाल का नाम है हजमत सूट।
डॉक्‍टरों के लिए रक्षा ‘कवच’ है Hazmat सूट
इबोला हो या कोरोना जब-जब दुनिया में कहीं भी वायरस का हमला होता है तो Hazmat सूट डॉक्‍टरों, नर्सों और हरेक जरूरतमंद के लिए रक्षा कवच बन जाता है। डॉक्‍टर हो या नर्स Hazmat सूट को पहनकर आसानी से किलर वायरस से बचते हुए इलाज करने में सक्षम हो जाते हैं। बुधवार को रूसी राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुत‍िन ने भी हजमत सूट पहनकर कोरोना पीड़‍ितों का हालचाल जाना।
जानें, इसे क्‍यों कहते हैं Hazmat सूट
‘हजमत सूट’ हेजार्डस मटेरियल सूट का संक्षिप्‍त नाम है। हजमत सूट पूरे शरीर ढंकने वाला गार्मेंट होता है। यह खतरनाक पदार्थों, रसायनों और जैविक एजेंटों से सूट को पहनने वाली की रक्षा करता है। हजमत सूट पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) का ही एक रूप है जिसे अक्‍सर डॉक्‍टर और च‍िकित्‍साकर्मी मरीजों का इलाज करते समय पहनते हैं। इसके साथ चश्‍मे, ग्‍लव्‍स और गाउन पहने जाते हैं।
कोरोना के लिए अभेद्य है यह सूट
इन हजमत सूट को पहनने के लिए दुनिया में अलग-अलग प्रोटोकॉल है। इस दौरान वायरस या बीमारी के प्रसार का भी ध्‍यान रखा जाता है। इस हजमत सूट को इस तरह से बनाया जाता है कि कोई भी वायरस या नुकसान पहुंचाने वाला पदार्थ इसके अंदर प्रवेश न कर सके। कोरोना और इससे पहले इबोला संक्रमण के दौरान मरीजों का इलाज करते समय हजमत सूट पहनना जरूरी कर दिया गया था।
बेहद खास होते हैं हजमत सूट
हजमत सूट कई लेवल के होते हैं जैसे ए, बी, सी या डी। यह खतरे की आशंका के आधार पर पहना जाता है। ए लेवल का हजमत सूट सर्वोच्‍च स्‍तर की सुरक्षा मुहैया कराता है। इसमें जहरीले पदार्थों, गैसों, धुंध से पहनने वाले को सुरक्षा मिलती है। इसमें ऑ‍क्‍सीजन के लिए विशेष व्‍यवस्‍था रहती है और दो तरफा रेडियो लगा रहता है। इस रेडियो को अंदर से पहना जाता है। लेवल बी सूट छीटों और रसायन से बचाते हैं। हालांकि यह सूट एयर टाइट नहीं होता है। इसे कम खतरा होने पर पहना जाता है।
जानें, एक सूट की कितनी है कीमत
हजमत सूट और सभी पीपीई को पहनने में करीब आधा घंटा लग जाता है। इस सूट को इंसान के कपड़े के ऊपर से पहना जाता है। इसके बाद ग्‍लव्‍स, स्‍लीव्‍स, शूज और फेस मास्‍क पहने जाते हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि सूट को पहनने के बाद कोई स्‍थान खुला न रहे। यह सूट पूरी तरह से सुरक्षित होता है। इबोला और कोरोना जैसे वायरस के फैलने के दौरान केवल इस हजमत सूट को पहनना ही जरूरी नहीं है बल्कि इसे सुरक्षित तरीके से उतारना भी उतना ही जरूरी है। सिर की ओर से इस सूट को उतारा जाता है। भारत में एक हजमत सूट की कीमत करीब 2500 रुपये है।
-एजेंसियां

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