सीमा से घुसपैठ को हम 70% तक कम करने में सफल हुए: जीओसी

नई दिल्‍ली। सेना के शीर्ष कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा कि ड्रोन और सुरंगों के माध्यम से हथियार और ड्रग्स भेजने की पाकिस्तान की साजिश निश्चित रूप से एक चुनौती है। इससे निपटने के लिए हम सुरंगों का पता आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके लगा रहे हैं।
चिनार कॉर्प्स के जीओसी राजू ने कहा कि इस साल हम पिछले साल की तुलना में सीमा से घुसपैठ को 70% तक कम करने में सक्षम हुए हैं। एलएसी के साथ क्षेत्र के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने स्थिति के पर्याप्त खुलासे किए हैं। एलओसी पर हम पूर्ण नियंत्रण में रहते हैं और सभी हालातों के लिए तैयार रहते हैं।
जनरल राजू ने कहा कि 2020 में आतंकवादियों की भर्ती काफी हद तक नियंत्रण में थी, खासकर 2018 की तुलना में। घाटी में आतंकवादियों की वर्तमान संख्या 217 है जो पिछले दशक में सबसे कम है।
उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में आतंकवाद में शामिल होने वाले 17 युवा मुख्यधारा में वापस लौटे हैं। वर्तमान में हम सरकार के साथ एक उपयुक्त आत्मसमर्पण नीति पर काम कर रहे हैं जो निश्चित रूप से सार्थक होगी।
शीर्ष कमांडर ने बताया कि जब हमें पता चलता कि आतंकवादी कहीं फंस गए हैं, तो हम उन्हें विशेष रूप से स्थानीय होने पर आत्मसमर्पण करने के लिए कहते हैं। अगर उनकी पहचान हो जाती है तो हम उनके परिवार के सदस्यों को बुलाते हैं। जब सभी प्रयास विफल हो जाते हैं तो हम उन्हें मारते हैं।
-एजेंसियां

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