Kartarpur Corridor पर हम पाकिस्तान की सोच व शर्तों से सहमत नहीं: अमरिंदर सिंह

‘Kartarpur Corridor पर पाक पीएम शांति की बात करते हैं, उनके आर्मी चीफ शैतानी दिमाग चलाते हैं’

अमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने Kartarpur Corridor को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान पर टिप्पणी की। अमरिंदर सिंह ने कहा कि Kartarpur Corridor भारत के लिए सिर्फ एक धार्मिक एजेंडा है, जबकि पाकिस्तान ने इसे अपना विनाशकारी एजेंडा बना रखा है। कॉरिडोर के बहाने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शांति की बात करते हैं, लेकिन उनके ही आर्मी चीफ इस पर अपना शैतानी दिमाग चलाने लगते हैं।

कैप्टन अमरिंदर ने शनिवार को ट्वीट किया कि हमने पाकिस्तान के द्वारा रखी गई शर्तों का बहिष्कार किया है। हम पाकिस्तान की सोच से सहमत नहीं हैं। हमने 15 हजार श्रद्धालुओं को बिना वीजा के दर्शन की अनुमति मांगी थी। यदि आप पासपोर्ट चाहते हैं, तो कॉरिडोर क्यों है? कॉरिडोर का मतलब तो बिना किसी बाधा के प्रवेश मिलना होता है।

दरअसल, भारत ने करतारपुर कॉरिडोर पर हुई पहली बैठक में पाक के सामने एक दिन में 5000 श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत दिए जाने का प्रस्ताव रखा था। इसके अलावा गुरुपर्व और बैसाखी जैसे कुछ खास मौकों पर 15,000 लोगों को बिना वीजा दर्शन का मौका मांगा था। पाक ने इन मांगों को ठुकरा दिया।

इन मांगों से भी मुकरा पाक

भारत ने मांग की थी कि देश और विदेश से हर दिन हजारों लोग करतारपुर पहुंचेंगे। ऐसे में सभी भारतीय और भारतीय मूल (ओसीआई कार्डधारक) के लोगों की एंट्री भी मान्य की जाए। इस पर भी पाक ने सहमति नहीं जताई।
भारत ने पाकिस्तान से कहा था कि एक परिवार या फिर समूह में जाने वाले चाहे जितने हों, उन्हें करतारपुर के दर्शन के लिए पाकिस्तान जाने की इजाजत दें। हालांकि, पाक ने इस मांग को यह कहकर टाल दिया कि 15 श्रद्धालुओं का समूह ही एक बार मे भारत से दर्शन करने जा सकता है।

पाक वीजा की जगह विशेष परमिट देना चाहता है
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में वीजा मुक्त प्रवेश का आश्वासन दिया। हालांकि इस दौरान पाक ने प्रत्येक श्रद्धालु को विशेष परमिट जारी करने की आवश्यकता जाहिर की। एक ओर पाकिस्तान ने दुनिया को बताया कि वह श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त प्रवेश देगा, लेकिन अब वह मोटी फीस के साथ परमिट देने की बात कर रहा है। वह हर दिन यह कॉरिडोर खोलने के खिलाफ है। उसकी मंशा हफ्ते में दो या तीन दिन इसे खोले जाने की है।

गुरुद्वारे की जमीन पर पाक सरकार कर रही कब्जा
गुरुद्वारे के लिए नलोवाल में यह जमीन महाराजा रणजीत सिंह और कुछ सिख सेवकों ने दान की थी। पाक सरकार ने इसके कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया। भारतीय अधिकारियों ने गुरुद्वारे को उसकी कानूनी जमीन ले लेने का विरोध जताते हुए इसे गुरुनानक देव के भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ बताया।

इंटरनेशनल बॉर्डर तक बनाया जा रहा कॉरिडोर
भारत ने 20 साल पहले इस कॉरिडोर को बनाने का प्रस्ताव दिया था। यह गलियारा गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक स्थान से इंटरनेशनल बॉर्डर तक बनाया जाएगा। भारत में इस कॉरिडोर का करीब दो किलोमीटर का हिस्सा और पाकिस्तान में करीब तीन किलोमीटर का हिस्सा होगा। इसके निर्माण में करीब 16 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। चार महीने में इसे बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »