Waseem Rizvi को SC से राहत, 3 जून तक गिरफ्तारी पर रोक

नई दिल्‍ली। लखनऊ की एक वक्फ संपत्ति कब्जाने व मुतवल्ली पर हमला करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन Waseem Rizvi को 15 दिनों में सरेंडर करने का आदेश दिया है तथा तीन जून तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस संजीव खन्ना की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले में आदेश जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद Waseem Rizvi को मारपीट के एक मामले में 15 दिनों में सरेंडर होने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि वसीम रिजवी को कोर्ट के समक्ष समर्पण तो करना ही होगा, लेकिन इस दौरान रिजवी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी।

ये है मामला

वसीम रिजवी के खिलाफ यह मामला लखनऊ की दरगाह हजरत अब्बास में नई कमेटी को प्रबंधन प्रभार सौंपने के दौरान हुई मारपीट और झगड़े का है। यह घटना साल 2012 की है, इस मामले को लेकर वसीम रिजवी और अन्य आरोपियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमा रद्द करने की याचिका दाखिल कर रखी है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमा रद्द करने की मांग लंबित होने के कारण निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी थी जो कि लंबे समय तक जारी रही. लेकिन, हाल ही में हाईकोर्ट ने निचली अदालत की सुनवाई पर लगी रोक हटा दी थी जिसके बाद निचली अदालत ने रिजवी और अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था.

दरअसल, इसी मामले में तीन मई को हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक के अपने पूर्व आदेश को वापस ले लिया था जिसके बाद Waseem Rizvi पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस संजीव खन्ना की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले में रिजवी को गिरफ्तारी से मिली छूट को और 15 दिन के लिए बढ़ा दिया है।

17 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले में यह तय करेगा कि रिजवी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द होनी चाहिए या नहीं? तीन मई को हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक के अपने पूर्व आदेश को वापस ले लिया था। बता दें कि मारपीट के एक मामले में वसीम रिजवी के खिलाफ निचली अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है।

इसके बाद से रिजवी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

-एजेंसी

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