वीरता पुरस्कार विजेताओं का मॉनिटरी अलाउंस दोगुना किया रक्षा मंत्रालय ने

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए मॉनिटरी अलाउंस को दोगुना कर दिया है, जो 1 अगस्त से प्रभावी होगा। 4 दिसंबर को जारी पत्र के मुताबिक परमवीर चक्र विजेता को प्रति माह 20,000 रुपये मिलेंगे, जो अब तक 10,000 रुपये था। यह युद्धकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। अशोक चक्र पाने वाले को प्रति माह 12,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जो 6,000 रुपये रहा है। अशोक चक्र शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
महावीर चक्र और कीर्ति चक्र के लिए भत्ता क्रमशः 10,000 रुपये और 9 हजार रुपये होगा। यह भी दोगुना हो गया है। वीर चक्र के लिए 7,000 रुपये, शौर्य चक्र पुरस्कार के लिए 6,000 रुपये और सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायु सेना मेडल के लिए 2,000 रुपये प्रति माह मिलेगा।
यदि पुरस्कार विजेता का निधन हो चुका है तो पुरस्कार विजेता की पत्नी को दिया जाएगा। अगर पुरस्कार विजेता की शादी न हुई हो तो यह पुरस्कार पिता और मां को दिया जाएगा। पिछली बढ़ोत्तरी 2012 में हुई थी। इस बीच शहीदों के बच्चों की ट्यूशन और हॉस्टल फीस के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह की सीमा तय किए जाने पर आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि यह किसी गलतफहमी के कारण हुआ है। तीनों सेनाओं की ओर से इस बारे में रक्षा मंत्री को जानकारी दी गई है। रक्षा मंत्री ने कहा है कि वह इस मामले को प्राथमिकता के तौर पर देख रही हैं।
गुजरात से लौटने के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ट्यूशन फीस के मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बैठक की। मंत्री ने अधिकारियों से तथ्यों की जानकारी ली। सूत्रों का कहना है कि मामला फिर से कैबिनेट के पास जाने की उम्मीद है, क्योंकि यह 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है जिसे कैबिनेट ने पास किया है।
-एजेंसी