आयकर विभाग की कालेधन वालों को चेतावनी: बेहिसाब नकदी की है पूरी जानकारी, 137 प्रतिशत तक होगी वसूली

Warning to Black money holders of Income Tax Department: The complete information of unaccounted cash, recovery up to 137%
आयकर विभाग की कालेधन वालों को चेतावनी

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने आज काले धन वालों को आगाह करते हुए कहा है कि उसके पास उनके द्वारा बैंकों में जमा कराई गई बेहिसाब नकदी के बारे में जानकारी है। विभाग ने सलाह दी कि काले धन वालों को पाक साफ होकर निकलने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा नहीं करने वालों से जमा राशि का 137 प्रतिशत तक वसूला जा सकता है।
विभाग ने इस बारे में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किया है। इसमें कहा गया है कि उलटी गिनती शुरू हो गई है और बेहिसाबी धन जमा कराने वाले इसकी घोषणा करें, वरना बाद में पछताना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत घोषणा की अंतिम तारीख 31 मार्च है।
विज्ञापन में कहा गया है कि आयकर विभाग के पास आपकी जमाओं की जानकारी है। विभाग ने कहा है कि इस योजना के तहत कालेधन की घोषणा करने वालों की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी। विज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि योजना के तहत काले धन की जानकारी नहीं देने वालों को बेनाम कानून के तहत कठोर कार्यवाही का सामना करना होगा। यहां तक कि उनके नाम ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ साझा कर दिए जाएंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ लेते हुए अपनी काली कमाई उजागर नहीं करेंगे, उन्हें जमा राशि पर 137% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। उनके मुताबिक, विभाग ऐसे डिफॉल्टरों पर नए बेनामी लेनदेन कानून के तहत कार्यवाही करने से भी नहीं हिचकेगा।
अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत काला धन की जानकारी देने वालों को 49.9 प्रतिशत टैक्स देना होगा, जबकि ऐसा नहीं कर इनकम टैक्स रिटर्न में इस धन का जिक्र करने वालों को टैक्स के साथ-साथ 77.25 प्रतिशत जुर्माना देना होगा। साथ ही, जो लोग योजना के तहत काले धन का खुलासा नहीं करते हैं और जांच आंकलन में इसका पता चलता है तो उन्हें 83.25 प्रतिशत की दर से टैक्स वसूला जाएगा।
जो लोग योजना का फायदा लेते हुए काले धन की जानकारी सरकार को नहीं देते हैं और छापेमारी के दौरान छिपा हुआ धन सरेंडर करते हैं तो उन्हें 107.25 प्रतिशत टैक्स और जुर्माना देना होगा लेकिन जो लोग छापेमारी में भी काला धन खुद निकाल कर नहीं देते हैं, उन्हें 137.25 प्रतिशत टैक्स और जुर्माना देना पड़ सकता है।
बेनामी कानून में दोषियों को 7 साल तक की कैद से दंडित करने का प्रावधान है। इसके अलावा, उस पर आयकर कानून के तहत भी मुकद्दमा चल सकता है। साथ ही, उस पर बेनामी संपत्ति के उचित बाजार मूल्य का 25 प्रतिशत और दूसरे जुर्माने भी भरने होंगे।
गौरतलब है कि सरकार ने नोटबंदी के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत कुल घोषित काले धन का एक चौथाई हिस्सा चार साल के लिए बिना ब्याज के सरकार के पास जमा रखने की बाध्यता है। यह योजना पिछले साल 17 दिसंबर को शुरू हुई।
-एजेंसी

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