वजन घटाने की चाह हो या फिट रहने की कोशिश, पोहा है बड़े काम का

वजन घटाने की चाह हो या फिट रहने की कोशिश। इस काम में आपकी मदद कर सकता है विशुद्ध देसी नाश्ता पोहा। यह न सिर्फ आपको फिट रहने में मदद करता है, बल्कि इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है। हर घर में अक्सर बनने वाला यह नाश्ता कार्बोहाईड्रेट का अच्छा स्रोत है। इसमें आयरन भी होता है और फाइबर यानी रेशे सभी भरपूर होता है। साथ ही एंटीऑक्सिडेंट और जरूरी विटामिन भी होते हैं।
हर जगह का अलग है अंदाज
हमारे देश के अलग–-अलग हिस्सों में इसे विभिन्न तरीकों से न सिर्फ बनाया जाता है, बल्कि खाने का अंदाज भी जुदा है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पोहा भुजिया और जलेबी के साथ पेश किया जाता है। महाराष्ट्र में इसे आलू, हरी चटनी और सेव का साथ मिल जाता है। मुंबई में कांदा पोहा भी काफी मश्हूर है। इसे प्याज के साथ बनाया जाता है।
तामिल में इसे अवल कहते हैं तो कन्नड़ में अवलक्की कहा जाता है। इसी तरह भोजपूरी में चिवड़ा और उडि़या में चूड़ा। पचने में आसान होने के साथ ही इसमें सब्जियां और मसाले मिलाने से स्वाद भी भरपूर होता है। नाश्ते का सरल और सस्ता उपाय भी है।
कैलोरी होती है काफी कम
अब तक हम लोग इसे घर में बनने वाले साधारण नाश्ते के तौर पर जानते थे मगर एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में भी बताया है। पेट फूलने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प है साथ ही इसमें कैलोरी भी काफी कम होती है। कार्बोहाईड्रेट 76.9 फीसदी और फैट 23 फीसदी होने की वजह से यह वजन घटाने में मददगार है। ऑनलाइन मेडिकल कंसलटेशन प्लैटफॉर्म में न्यूट्रिशनिस्ट शिव तेजा गडेपल्ली ने कहा कि फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे खाने के बाद काफी समय तक पेट भरा रहता है।
स्वाद और सेहत से होता है भरपूर
पोहा को कई तरह से बनाया जा सकता है, इससे यह साबित होता है कि यह स्वादिष्ट होने के साथ ही सेहत से भी भरपूर होता है। पोहा एक संपूर्ण आहार है। इसमें कार्बोहाईड्रेट, आयरन, फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट और जरूरी विटामिन होने के साथ ही यह ग्लूटेन फ्री भी होता है। इसे डायबिटीज के शिकार लोग भी आराम से खा सकते है। यह दिल और त्वचा की समस्या से जूझ रहे लोगों के भी नाश्ते का अच्छा विकल्प है। इसे प्रोटीन से भरपूर बनाने के लिए इसमें मूंगफली, अंकुरित अनाज भी शामिल किया जा सकता है।
क्यों है पोहा एक हेल्‍दी फूड
इसमें भरपूर मात्रा में आयरन है, शरीर में हीमोग्लोबिन और इम्युनिटी पावर बढ़ता है।
पोहा में सब्जियां भी मिलाई जाती हैं, जिससे ये खनिज, विटामिन और फाइबर से भरपूर हो जाता है।
अगर पोहा में सोयाबीन, सूखे मेवे और अंडा मिलाकर खाया जाए तो विटामिन के साथ ही प्रोटीन भी मिलेगा।
पोहे में अच्छी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।
पोहा खाने से पेट संबंधित समस्याएं नहीं होतीं क्योंकि इसमें ग्लूटेन कम मात्रा में पाया जाता है।
डायबिटीज के मरीज को पोहा खिलाने से भूख कम लगती है साथ ही ब्लडप्रेशर लेवल में रहता है।
वेजीटेबल पोहा में 244 किलो कैलोरी होती है वहीं मूंगफली पोहा में 549 किलो कैलारी शामिल होती है।
पोहे को पचाने में शरीर को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती। ये आसानी से पचने वाला खाना है।
एक्सपर्ट का मानना है कि पोहे को ब्रेकफास्ट में खाने से इसका फायदा कई गुना बढ़ जाता है।
-एजेंसी

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