वोडाफोन, आइडिया व एयरटेल को चुकाना होगा बकाया: सुप्रीम कोर्ट

नई द‍िल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन, आइडिया और भारती एयरटेल को तगड़ा झटका देते हुए गुरुवार को पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि टेलीकॉम कंपनियों को 92,000 करोड़ रुपये चुकाने ही होंगे।

इससे पहले शीर्ष अदालत ने वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के मसले पर खुली सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया था। दोनों कंपनियों ने कोर्ट से जुर्माने के रूप में दूरसंचार विभाग (डॉट) को लगभग 92,000 करोड़ रुपये को चुकाने के आदेश की समीक्षा करने का अनुरोध किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्तूबर को फैसला दिया था कि लाइसेंस और स्पेक्ट्रम फीस के भुगतान की गणना के लिए एजीआर में नॉन-टेलीकॉम रेवेन्यू भी शामिल किया जाए। इस फैसले से टेलीकॉम कंपनियों की सरकार को देनदारी बढ़ गई। यही वजह है कि भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया दिसंबर से टैरिफ बढ़ाने का एलान कर चुके हैं। इन दोनों के बाद रिलायंस जियो ने भी अगले महीने से मोबाइल टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर दी थी।

कोर्ट ने 24 अक्तूबर को अपने आदेश में डॉट द्वारा दी गई एजीआर की परिभाषा को बरकरार रखा था। इस प्रकार दूरसंचार कंपनियों और सरकार के बीच 14 साल से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत हो गया था। डॉट द्वारा लगभग एक हफ्ते पहले ही इन कंपनियों को मांग पत्र जारी कर दिए गए हैं।

कैबिनेट ने वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों को राहत देते हुए उनके लिए स्पेक्ट्रम किस्त का भुगतान दो साल के टालने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, दूरसंचार कंपनियों को 2020-21 और 2021-22 दो साल के लिए स्पेक्ट्रम किश्त भुगतान से छूट दी गई है । सूत्रों के मुताबिक, सरकार के फैसले से दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो को 42,000 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।

– एजेंसी

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