किसान आंदोलन पर अब PJF के फाउंडर धालीवाल का वीडियो भी सामने आया

नई दिल्‍ली। स्‍वीडिश एक्टिविस्‍ट ग्रेटा थनबर्ग की ‘टूलकिट’ बनाने का शक पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन PJF पर है। कनाडा के वैंकूवर में बेस्‍ड इस संस्‍था का फाउंडर एम धालीवाल है। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह किसान आंदोलन के बहाने भारत में अलगाववादी खालिस्‍तानी आंदोलन को बढ़ावा देना चाहता है। जिस तरह से उसकी संस्‍था ने ‘टूलकिट’ में भारत विरोधी सेंटिमेंट्स को भड़काने का पूरा प्‍लान तैयार किया था, उसी तर्ज पर धालीवाल का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने की बात कर रहा है, साथ ही अलगाववादी आंदोलन के लिए भी।
वीडियो में क्‍या कह रहा है धालीवाल?
धालीवाल का वायरल वीडियो कथित तौर पर भारतीय दूतावास के बाहर 26 जनवरी को शूट किया गया है। इसमें धालीवाल कह रहा है, “अगर कल को कृषि कानून वापस ले लिए जाते हैं तो वह जीत नहीं। यह लड़ाई कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के साथ शुरू होगी, यह वहां खत्‍म नहीं होगी। किसी को यह बताने मत दीजिए कि ये लड़ाई कृषि कानूनों को वापस लेने के साथ खत्‍म हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्‍योंकि वे इस आंदोलन की ऊर्जा खत्‍म करना चाहते हैं। वे आपको बताना चाहते हैं कि आप पंजाब से अलग हो और आप खालिस्‍तान आंदोलन से अलग हो, आप नहीं हो।”
पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन (PJF) क्‍या है?
कनाडा की यह संस्‍था जून 2020 में फेसबुक-इंस्‍टाग्राम पर आई और पिछले साल फरवरी में इसका ट्विटर अकाउंट बना। ‘AskIndiaWhy’ वेबसाइट भी PJF ने बनाई। इस वेबसाइट पर लिखा गया है कि भारत एक ‘फासीवादी, हिंसक दमनकारी शासन’ की ओर बढ़ रहा है। इसमें प्रो-खालिस्‍तान और प्रो-पाकिस्‍तान कनाडाई सांसद जगमीत सिंह के कई बयान हैं। PJF ने ‘खालिस्‍तान – द सिख फ्रीडम स्‍ट्रगल’ पर एक वेबिनार भी कराया था। इसके डायरेक्‍टर्स में मो धालीवाल का नाम भी है जो खुद को ‘प्राउड खालिस्‍तानी’ बताता है।
ग्रेटा के टूलकिट में था खालिस्‍तानी साजिश का पुलिंदा
थनबर्ग ने शुरुआत में जो ‘टूलकिट’ शेयर की, उसमें भारत को निशाना बनाकर ग्‍लोबल ट्वीटस्‍टार्म से लेकर दूतावासों को घेरने तक का आह्वान किया गया था। दस्‍तावेज में किस तारीख कब क्‍या और कैसे करना है, इसका विस्‍तार से जिक्र था। उस टूलकिट के भीतर दर्जनों लिंक थे। कवर पर आंदोलनकारी किसानों की एक फोटो थी जिसके ऊपर अंग्रेजी में लिखा था, ‘क्‍या आप मानव इतिहास के सबसे बड़े प्रदर्शन का हिस्‍सा बनेंगे?’ रिसोर्सेज में ‘पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन’ और ‘ग्रीन्‍स विद फार्मर्स यूथ कोअलिशन’ की वेबसाइट्स के लिंक थे।
-एजेंसियां

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