आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं दिग्‍गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह

हरभजन सिंह एक ऐसा गेंदबाज जिसके हाथ से गेंद छूटती तो दुनिया की सबसे मजबूत और खतरनाक टीम भी पानी भरने लगती। हरभजन की फिरकी का खौफ ऐसा कि उन्हें टर्बनेटर का नाम दिया गया। आज भारत के इसी महान ऑफ स्पिनर का 41वां जन्मदिन है।
हरभजन ने साल 1998 में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। और साल 2011 तक वह भारतीय टीम का नियमित हिस्सा रहे। उनके नाम दो वर्ल्ड कप खिताब रहे। हरभजन ने अनिल कुंबले के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दी। इस जोड़ी ने भारत के लिए कई मैच जीते।
हरभजन ने 103 टेस्ट मैच और 236 वनडे इंटरनैशनल मुकाबले खेले। क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में उनके नाम 417 विकेट हैं। वहीं 50 ओवरों के फॉर्मेट में उन्होंने 269 विकेट हैं। वह चार बार आईपीएल विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं। यही नहीं उनकी कप्तानी में 2011 में मुंबई इंडियंस ने चैंपियंस लीग भी जीती थी।
साल 2011 के बाद हरभजन सिंह टीम से अंदर-बाहर होते रहे। हालांकि वह कभी भी नियमित सदस्य नहीं बन पाए। हरभजन ने 2016 के बाद से भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं किया है।
2008 रहा विवादों वाला साल
हरभजन के करियर में कई उतार-चढ़ाव आए। उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर भी विवाद हुआ। साल 2008 उनके लिए विवादों से भरा रहा। इसी साल उन्होंने आईपीएल में श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया था। इसके अलावा सिडनी टेस्ट में ऐंड्रू सायमंड्स पर नस्ली टिप्पणी करने का आरोप लगा। इस विवाद ने काफी तूल पकड़ा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम का पूरा साथ दिया। नौबत दौरा रद्द करने तक आ गई थी लेकिन आखिर में सब सुलझ गया।
कभी ट्रक ड्राइवर बनने की सोच ली थी
शुरुआत में हरभजन सिंह का करियर रफ्तार नहीं पकड़ रहा था। उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा था। इस बीच साल 2000 में हरभजन के पिता का निधन हो गया था। युवा हरभजन पर परिवार चलाने की जिम्मेदारी आ गई थी। मां और पांच बहनों की जिम्मेदारी उन पर थी। ऐसे में हरभजन ने एक बार को कनाडा जाकर ट्रक चलाने के बारे में भी सोचा ताकि वह परिवार का पालन कर सकें। पर बहनों की सलाह पर हरभजन रुक गए और क्रिकेट खेलते रहे। साल 2000 की रणजी ट्रोफी में उन्होंने शानदार खेल दिखाया और फिर उन्हें टीम इंडिया में जगह मिली।
2001 की वह ऐतिहासिक सीरीज
हरभजन सिंह के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की वह ऐतिहासिक सीरीज यादगार बन गई। इसी सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में 32 विकेट हासिल किए। जिसमें कोलकाता टेस्ट में हैटट्रिक भी शामिल थी। वह भारत के लिए टेस्ट मैच में हैटट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बने। उन्होंने रिकी पॉन्टिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न को आउट कर इतिहास रच दिया था।
हरभजन सिंह टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लेने वाले पहले भारतीय ऑफ स्पिनर हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की है।
-एजेंसियां

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