Venezuela राजनीतिक संकट के वैश्विक स्तर तक पहुंचने का ख़तरा

Venezuela के मौजूदा आंतरिक राजनीतिक संकट के अब वैश्विक स्तर तक पहुंचने का ख़तरा मंडरा रहा है.
अमरीका और अन्य देशों के जहां Venezuela के विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो को समर्थन देने की बात कही है वहीं रूस और चीन जैसे देश मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पक्ष में खड़े हो गए हैं.
Venezuela में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं. वहीं, प्रमुख विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो बुधवार को ख़ुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर चुके हैं.
गोइदो की घोषणा के बाद उन्हें अमरीका, कनाडा और ताकतवर पड़ोसी देशों जैसे ब्राज़ील, कोलंबिया और अर्जेंटीना से समर्थन मिल गया.
यूरोपीय संघ ने भी Venezuela में फिर से चुनाव कराए जाने की मांग कर दी है और गोइदो के नेतृत्व वाली नैशनल असेंबली को अपना समर्थन दे दिया है.
रूस और चीन का मादुरो को समर्थन
लेकिन, रूस, चीन और कुछ अन्य देशों ने निकोलस मादुरो के लिए अपने समर्थन की घोषणा कर दी है.
गुरुवार को रूस ने चेतावनी दी है कि गोइदो की घोषणा “अराजकता और रक्तपात का सीधा रास्ता” है.
रूस की ओर से एक बयान जारी करके कहा गया है, “हम ऐसे जोख़िमों के ख़िलाफ़ चेतावनी देते हैं जो विनाशकारी परिणामों की तरफ जाते हैं.”
इसी दौरान, गुरुवार को ही चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ख्वा चु​नयिंग ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि चीन वेनेज़ुएला में किसी भी विदेशी “मध्यस्थता” के ख़िलाफ़ है.
ख्वा चु​नयिंग ने कहा, “चीन Venezuela के अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, स्वतंत्रता और स्थायित्व बचाए रखने के प्रयासों का समर्थन करता है. चीन ने हमेशा अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांत को आगे बढ़ाया है और वेनेज़ुएला में बाहरी मध्यस्था का विरोध किया है.”
तुर्की, ईरान, मेक्सिको, क्यूबा और कुछ अन्य देशों ने भी मादुरो को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.
तुर्की राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के प्रवक्ता इब्राहिम कालिन के मुताबिक तुर्की निकोलस मादुरो को अपना समर्थन देता है और ये बताने के लिए अर्दोआन ने मादुरो को फ़ोन किया था. अर्दोआन ने कहा, “भाई मादुरो, मजबूती से खड़े रहो, हम आपकी तरफ हैं.”
इब्राहिम कालिन ने हैशटैग #WeAreMADURO के साथ ये जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की.
अमरीका से राज​नयिक संबंध तोड़े
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़ुआन गोइदो को समर्थन देने के बाद वेनेज़ुएला ने अमरीका से सभी राजनयिक संबंध ख़त्म कर दिए हैं.
निकोलस मादुरो ने अमरीकी राजनयिकों और दूतावास के कर्मचारियों को वेनेज़ुएला से जाने के लिए 72 घंटों का समय दिया था.
लेकिन, बाद में अमरीकी गृह मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि अमरीका मादुरो के ज़रिए नहीं बल्कि गोइदो की सरकार के माध्यम से वेनेज़ुएला से राजनयिक संबंध रखेगा.
उन्होंने कहा, “अमरीका नहीं मानता कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमरीका के साथ राजन​यिक संबंध तोड़ने या हमारे राजनयिकों को प्रतिबंधित करने का क़ानूनी अधिकार है.”
“सभी विकल्प हमारे सामने हैं”
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक रूप से 2017 में वेनेज़ुएला के लिए “एक सैन्य विकल्प” का विचार रखा था और उन्होंने बुधवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों के साथ एक साक्षात्कार के दौरान इसका फिर से जिक्र किया.
डोनल्ड ट्रंप ने कहा, “हम अभी किसी ख़ास विकल्प पर विचार नहीं कर रहे हैं लेकिन सभी विकल्प हमारे सामने हैं.”
अमरीकी मीडिया का कहना है कि डोनल्ड ट्रंप वेनेज़ुएला पर तेल प्रतिबंध लगा सकते हैं जिससे देश की आय के मुख्य स्रोत पर असर पड़ेगा. साथ ही वह वेनेज़ुएला के प्रतिबंधित अधिकारियों की सूची को भी बढ़ाया जा सकता है.
इससे रूस और चीन से लिया गया अरबों डॉलर का कर्ज चुकाने की वेनेज़ुएला की क्षमता पर असर पड़ेगा.
पिछले महीने मास्को में मादुरो और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने वेनेजुएला को गेहूं के निर्यात और वेनेजुएला के तेल और खनन क्षेत्रों को 6 अरब डॉलर के अनुबंध पर सहमति जताई थी.
वेनेज़ुएला अपने समृद्धि के दिनों में रूस से फाइटर जेट्स से लेकर टैंक जैसे सैन्य उपकरणों का एक बड़ा आयातक रहा है.
मॉस्को में हुई इस बैठक के कुछ ही समय बाद रूस ने परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता वाले अपने दो टीयू-160 ‘व्हाइट स्वान’ बॉम्बर प्लेन वेनेज़ुएला की राजधानी कराकस की ओर रवाना कर दिये. बताया जा रहा है कि ये विमान वेनेज़ुएला की सेना के साथ अभ्यास करने वाले हैं.
नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी में रूस और यूरेशिया के लिए सीनियर डायरेक्टर मिरियम लैंसकॉय ने टाइम मैगज़ीन को बताया कि कराकस में ‘व्हाइट स्वॉन’ को भेजना ये दिखाता है कि रूस अब भी पश्चिम में अपनी सेना की ताकत दिखा सकता है.
‘एक समन्वित कदम’
वेनेज़ुएला में इस संकट के दौरान क्षेत्रीय विरोधियों की भूमिका के कारण अमरीका और रूस के बीच सीधे टकराव की स्थिति टल सकती है.
बीबीसी के व्लादिमीर हेरांदेज़ ने कहा ख़ुआन गोइदो को क्षेत्रीय स्तर पर मिल रहे समर्थन से एक समन्वित प्रयास के जरिए बोलिवेरियन शासन को किनारे करने के संकेत मिलते हैं.
वह कहते हैं, “यह एक अभू​तपूर्व कदम है. यह देखना असाधारण था कि कैसे यह सब समन्वित किया गया. जैसे ही अमरीका सामने आया तो आप देखेंगे कि कुछ ही सैकेंड्स और मिनटों में ये सभी देश सामने आ गए.”
मादुरो अमरीका और कोलंबिया पर वेनेज़ुएला को अस्थिर करने के आरोप लगाते रहे हैं. उन्होंने पिछले साल अपने ऊपर हुए ड्रोन हमले के लिए भी कोलंबिया को ज़िम्मेदार ठहराया था.
स्विटज़रलैंड में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए कोलंबिया के राष्ट्रपति इवान डुके ने कहा कि “मादुरो को हट जाना चाहिए और वेनेज़ुएला को लोगों को मुक्त कर देना चाहिए.”
‘कोई हस्तक्षेप नहीं’
जब डुके से वेनेज़ुएला में सैन्य हस्तक्षेप की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हम सैन्य हस्तक्षेप के बारे में बात नहीं कर रहे हैं. हम राजनयिक सहमति और वेनेज़ुएला के लोगों के समर्थन की बात कर रहे हैं.”
ब्राज़ील के उप राष्ट्रपति जनरल हैमिल्टन मोराओ ने कहा कि उनका देश “किसी भी तरह के (सैन्य) हस्तक्षेप में हिस्सा नहीं लेगा.”
हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर देश के पुनर्निर्माण में ज़रूरत हुई (बदलाव के बाद) तो भविष्य में वो ‘आर्थिक मदद’ दे कर सकते हैं.
-BBC

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