Varanasi police ने नकली शराब बनाकर बेचने वाले गैंग का खुलासा

वाराणसी। Varanasi police ने नकली शराब बनाकर बेचने वाले गैंग का खुलासा किया है। गैंग के छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह गैंग बीस रुपये के खर्च में शराब बनाते थे। इसे वह चालीस रुपये में ठेके पर और ठेके से यह 65 रुपये में बिकती थी।

उत्तर प्रदेश की वाराणसी पुलिस ने फर्जी हॉलमार्क लगाकर शराब ठेके से नकली शराब बेचने वाले बड़े गैंग का खुलासा किया है। गैंग के छह सदस्‍यों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नकली शराब की बोतलें, केमिकल और फर्जी हॉलमार्क बरामद किया गया है।

एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि बड़ागांव इलाके में नकली शराब बनाने की फैक्‍ट्री चल रही है। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह व बड़ागांव थाना प्रभारी महेश पांडेय ने अपनी टीम के साथ एक मकान में छापा मारा तो वहां का नजारा देख सकते में आ गए। मकान के अंदर केमिकल से बनी नकली देशी व अंग्रेजी शराब को कंपनी के लेबल लगी बातलों में भर उस पर फर्जी हॉलमार्क लगाया गया था।

छापे में नकली शराब के कारोबार के गैंग के सरगना सोनू सेठ, रणजीत सेठ, प्रमोद तिवारी, ओमप्रकाश सेठ, बृजेश सेठ व दिनेश अग्रहरी को गिरफ्तार किया गया। दो सदस्‍य शिवशंकर सेठ व मंजय पासवान पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फैक्‍ट्री को सील कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश से मंगाते थे केमिकल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मध्‍य प्रदेश से केमिकल मंगाते हैं और नकली शराब तैयार कर ठेके पर सप्‍लाई करते रहे हैं। वाराणसी ही नहीं आसपास के जिलों में भी नकली शराब की खेप पहुंचती है। नकली देशी शराब की एक शीशी बनाने में 20 रुपये का खर्च आता है। ठेके संचालक को यह 40 रुपये में दी जाती है जबकि वह इसे 65 रुपये में बेचता है।

-एजेंसी

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