श्री लंका के जेल डिपार्टमेंट में जल्लादों के लिए वैकेंसी, आवेदन आमंत्रित

कोलंबो। श्री लंका के जेल डिपार्टमेंट ने सोमवार को दो जल्लादों की वैकेंसी के लिए आवेदन निकाले हैं। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने फांसी पर लगी 42 साल पुरानी पाबंदी हटाई है। जेल कमिश्नर पीएनएम धनासिंघे ने कहा कि नोटिस जारी कर दिया गया है और सोमवार से आवेदन स्वीकर किए जाएंगे। श्री लंका में आखिरी बार जून 1976 में फांसी हुई थी। इसके बाद आए सभी राष्ट्रपतियों ने फांसी की सजा के लिए डेथ वारंट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था।
सिरीसेना ने पिछले हफ्ते कहा था कि दो महीने के अंदर ड्रग तस्करी के दोषियों को सजा दी जाएगी। सिरीसेना ने कहा था कि देश में ड्रग्स का बढ़ावा देने वाले ड्रग्स अपराधियों को सजा देने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। संसद में अपने भाषण में उन्होंने कहा, ‘देश में अगले 2-3 महीनों में फांसी की सजा दी जाएगी।’ श्री लंका 2016 में मृत्युदंड पर पाबंदी लगाने वाले संयुक्त राष्ट्र सदस्यों में शामिल हो चुका है, इसके बावजूद सिरी सेना ने यह फैसला लिया।
जेल कमिश्नर धनासिंघे ने कहा कि जल्लादों के नए पदों का ऐलान किया गया है, क्योंकि पिछले जल्लाद ने नौकरी छोड़ दी है। श्री लंका में भले ही आखिरी बार 1976 में फांसी हुई थी लेकिन 2014 तक अपने रिटायरमेंट तक वहां एक जल्लाद नियुक्त था।
न्याय मंत्री थलाता अतुकोरले ने हाल ही में कहा था कि उनके मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में ही सिरीसेना के ऑफिस में ड्रग अपराधियों की डीटेल्स भेज दी थीं। उन्होंने कहा कि अभी 48 ड्रग अपराधी मृत्युदंड के लिए तैयार हैं जबकि इनमें से 30 ने सजा के खिलाफ अपील की है। वहीं बाकी 18 को अगर राष्ट्रपति चाहें तो फांसी की सजा दी जा सकती है।
-एजेंसियां

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