उत्तर प्रदेश के Encounters का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट में आज उत्‍तरप्रदेश पुलिस द्वारा अभी तक किये गए Encounters को फर्जी बताकर एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें इन सभी मामलों की जांच कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की गई है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद हुये ताबड़तोड़ Encounters का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। एक एनजीओ की ओर से दी गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका में पुलिस मुठभेड़ों को फर्जी को बताया गया है और मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की गई है।

एनजीओ की ओर से पेश वकील संजय पारिख ने कोर्ट से कहा है कि एक साल में 1500 फर्जी एनकाउंटरों में 58 लोगों की मौत हो चुकी है। इनकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से करानी चाहिये और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाये। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी इन मामलों की जांच कर रहा है। कोर्ट ने याचिका की कॉपी यूपी सरकार को देने को कहा है और मामले की सुनवाई 2 हफ्ते बाद तय कर दी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यानाथ की सरकार बनने के बाद अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है जिसमें कई ईनामी बदमाशों का एनकाउंटर हुआ है लेकिन इनमें से कुछ Encounters ऐसी भी हैं जिसमें पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं।

उत्तर प्रदेश में बदमाशों की शामत आ गई है। अपराधियों को लेकर यूपी पुलिस एक्शन में है। यूपी में हाल के दिनों में 10 जिले मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, बुलंदशहर, शामली, हापुड़, मेरठ, सहारनपुर, बागपत, कानपुर और लखनऊ में एनकाउंटर हुए हैं।

आबादी के लिहाज़ से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में इस समय एनकाउंटर पर विधान परिषद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा भी था कि राज्य में अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस एनकाउंटर नहीं रुकेंगे।

मुख्यमंत्री का कहना है कि 1200 एनकाउंटर में 40 ख़तरनाक अपराधी मारे गए हैं।

दूसरी तरफ़, एनकाउंटर को लेकर विपक्ष भी सत्तारुढ़ बीजेपी पर हावी है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि योगी सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है और अपनी कमियों को छिपाने के लिए एनकाउंटर का सहारा ले रही है।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ़ नेता संविधान को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं और राज्य के 22 करोड़ लोग सरकार के निशाने पर हैं। इन आरोपों पर बीजेपी ने भी विपक्ष पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री योगी ने ख़ुद विधान परिषद में कहा था कि अपराधियों के प्रति सहानुभूति दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक है।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »