उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, दिल्‍ली बॉर्डर सील करना जरूरी

नई दिल्‍ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए रखना जरूरी है। प्रदेश सरकार ने कहा है कि दिल्ली में बढ़ते Covid-19 केसों की वजह से आने वाली गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। नोएडा और गाजियाबाद में कोरोना के बढ़ते संक्रमण का सोर्स राजधानी दिल्ली है।
उत्तर प्रदेश सरकार की स्टैंडिंग काउन्सिल गरिमा प्रसाद ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा, ‘नोएडा में कोविड-19 के 42 प्रतिशत केस और गाजियाबाद में 45 प्रतिशत केस का सोर्स दिल्ली में फैले संक्रमण की वजह से था। आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने का यही कारण है।’ हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरी सामानों के मूवमेंट पर किसी तरह की रोक नहीं है।
जस्टिस अशोक भूषण, संजय किशन कौल और एम आर शाह की बेंच से यूपी सरकार की वकील ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के केस गाजियाबाद और नोएडा से 40 गुना अधिक हैं। वहीं दिल्ली में एक हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जो कि नोएडा और गाजियाबाद में मरने वाले 40 लोगों की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। इन वजहों से बॉर्डर को नहीं खोला जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली से सटे हरियाणा और यूपी के बॉर्डर को खोलने के मामले में सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हरियाणा ने इनर स्टेट मूवमेंट पर सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं लेकिन यूपी के नोएडा और गाजियाबाद में प्रतिबंध जारी है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 17 जून को होगी।
-एजेंसियां

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