दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में दिखाई दिए अमेरिकी युद्धक जहाज, बढ़ेगा तनाव

वॉशिंगटन। अमेरिका के दो युद्धक जहाजों को दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में देखा गया है। इस समुद्री क्षेत्र पर चीन अपना दावा जताता रहा है और ताइवान के साथ उसका विवाद रहा है। चीन ने रविवार को इस क्षेत्र में दो अमेरिकी युद्धक जहाजों को देखे जाने का दावा किया। अमेरिका का यह कदम चीन को भड़काने का काम कर सकता है, जिससे वह उत्तर कोरिया मसले पर सहयोग की मांग कर रहा है। अमेरिका का यह ऑपरेशन पेइचिंग के उन प्रयासों का जवाब माना जा रहा है, जिसके तहत वह इस रणनीतिक जल क्षेत्र में जहाजों के संचालन को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
अमेरिका ने इस ऑपरेशन की कई महीने पहले ही योजना बनाई थी और ऐसे ऑपरेशन रूटीन बन गए हैं लेकिन अमेरिकी नौसेना की ओर से किए जाने वाले अभ्यास से चीन को बाहर किए जाने के चलते दोनों देशों के बीच संबंधों में असहजता है और ऐसे वक्त में दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी जहाजों की तैनाती चिंताजनक बात है। नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि मिसाइल नाशक और गाइडेड मिसाइल क्रूजर पार्सल आइलैंड से 12 नॉटिकल मील की दूरी पर थे। इस क्षेत्र पर चीन अपना दावा जताता रहा है और उसका इसे लेकर अपने पड़ोसी देशों से विवाद भी है।
अमेरिकी नौसेना के जहाजों ने पार्सल्स के ट्री, लिंकन, ट्रिटन और वुडी आइलैंड्स में कुशल ऑपरेशन चलाया। दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन को लेकर तनाव की स्थिति है। उसके बाद ट्रंप की ओर से उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन के साथ वार्ता को रद्द किए जाने के बाद से अमेरिका और चीन के संबंधों में खटास और बढ़ी है। ऐसे में इस बीच अमेरिकी जहाजों की दक्षिण चीन सागर में मौजूदगी तनाव के स्तर को और बढ़ाने वाली है।
इस ऑपरेशन के आलोचकाों का कहना है कि इसका चीन के व्यवहार और बहुत असर नहीं पड़ने वाला है क्योंकि इसका महत्व प्रतीकात्मक ही है। अमेरिकी सेना की दुनिया की कई जगहों पर मौजूदगी है और उसके ऑपरेशंस चलते रहते हैं। यही नहीं उसके सहयोगियों के दावे वाले क्षेत्र में भी उसकी मौजूदगी रही है। हालांकि इसका राजनीतिक उद्देश्यों से कोई सीधा संबंध नहीं रहा है। 12 मई को सैटलाइट से ली गई तस्वीरों में यह पता चला था कि चीन ने जमीन से हवा पर मार करने वाली मिसाइलें और ऐंटी-शिप क्रूज मिसाइलों की तैनाती वुडी आइलैंड में की है।
-एजेंसी

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