अमेरिकी उपउपराष्ट्रपति का राष्‍ट्रपति ट्रंप को हटाने से इंकार, महाभियोग की तैयारी

न्‍यूयॉर्क। अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 25वें संशोधन का इस्तेमाल कर पद से हटाने के लिए मना करने के बाद ट्रंप के दूसरे महाभियोग के लिए मंच तैयार हो चुका है।
प्रतिनिधि सभा ने उन्हें कार्यवाही करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन सकते हैं जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया गया।
मंगलवार को ट्रंप से मिले पेंस ने स्पीकर नैन्सी पेलोसी को लिखा कि वह ट्रंप को एक संवैधानिक कदम के माध्यम से हटाने के उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं करेंगे। इससे पहले पेलोसी ने ट्रंप को हटाने के लिए 24 घंटे का नोटिस दिया था और ऐसा न करने पर महाभियोग के लिए तैयार रहने के लिए कहा था। पेलोसी ने कहा, ‘राष्ट्रपति के खिलाफ अभियोग चलाने और उन्हें हटाने के लिए मामले को पेश करना उनका (प्रबंधकों) संवैधानिक कर्तव्य है।’
यह महाभियोग जबरदस्त गुस्सा पैदा कर रहा है: ट्रंप
सदन को बुधवार को ट्रंप के महाभियोग की उम्मीद है क्योंकि पेंस और कैबिनेट को इसके प्रस्ताव का पालन करने और संविधान के 25 वें संशोधन के तहत कार्य करने के लिए सहमत होने की संभावना नहीं है जो ट्रंप को व्‍हाइट हाउस से बाहर करने के लिए बहुमत देता है। इस बीच ट्रंप ने कहा, ‘यह महाभियोग जबरदस्त गुस्सा पैदा कर रहा है, और आप यह कर रहे हैं, और यह वास्तव में एक भयानक चीज है जो वे कर रहे हैं।’ ट्रंप के महाभियोग के मसौदे में अमेरिका की सरकार के खिलाफ हिंसा को उकसाने का आरोप है, जो उनके समर्थकों द्वारा कैपिटल हिल में किए हमले से संबंधित है।
ट्रंप ने जोर देकर कहा था कि चुनाव एक धोखाधड़ी था, उनकी बयानबाजी ने कैपिटल पर पिछले बुधवार को उनके समर्थकों को भेजा था, जिन्होंने जमकर उत्पात मचाया, जब कांग्रेस जो बाइडेन के इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों को प्रमाणित करने की प्रक्रिया में थी। इस हमले में एक पुलिस अधिकारी सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन सकते हैं जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया गया। सांसदों जैमी रस्किन, डेविड सिसिलिने और टेड लियू ने महाभियोग का प्रस्ताव तैयार किया है जिसे प्रतिनिधि सभा के 211 सदस्यों ने सह-प्रायोजित किया। इसे सोमवार को पेश किया गया था। इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को ‘राजद्रोह के लिए उकसाने’ का आरोप लगाया गया है।
-एजेंसियां

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