दक्षिण चीन सागर में मिसाइलें तैनात करने पर अमेरिका की चीन को अंजाम भुगतने की धमकी

वॉशिंगटन। दक्षिण चीन सागर को लेकर अमेरिका और चीन के बीच टकराव की स्थिति अब और बढ़ती जा रही है। इस इलाके में घातक मिसाइलें तैनात करने पर अमेरिका ने चीन को अंजाम भुगतने की धमकी दी है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने चीनी नेतृत्व के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है। विवादित दक्षिण चीन सागर पर चीन के बढ़ते सैन्यीकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में सारा सैंडर्स ने कहा, ‘हम चीन के दक्षिण चीन सागर के सैन्यीकरण से वाकिफ हैं। इसके निकट अवधि में चीन को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हमने इस मसले को चीनी नेतृत्व के सामने भी उठाया है।’
पेंटागन ने जताई चिंता
बता दें कि चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर में ऐंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम की तैनाती का गुरुवार को बचाव किया। उसने कहा कि इस इलाके पर उसका ‘निर्विवाद अधिपत्य’ है। हालांकि पेंटागन ने विवादित क्षेत्र में चीनी सैन्य निर्माण पर चिंता व्यक्त की है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता दाना व्हाइट ने कहा संवाददातों से बात करते हुए कहा, ‘हम इन कृत्रिम द्वीपों के सैन्यीकरण से जुड़ी चिंताओं के बारे में बहुत मुखर हैं। चीन को यह महसूस करना होगा कि उन्हें समुद्र के नि:शुल्क नेविगेशन से फायदा हुआ है और अमेरिकी नौसेना इसके गारंटर हैं।’
वहीं, अमेरिकी खुफिया एजेंसी का आंकलन है कि प्रबल संभावना है कि चीन की सेना ने इस विवादित जलक्षेत्र में सैन्याभ्यास के दौरान जहाज और विमान रोधी मिसाइलें तैनात की हैं। दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे विवादित क्षेत्रों में से एक है। इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम सहित कई देश अपना दावा करते हैं।
दक्षिण चीन सागर पर हमारी निर्विवाद संप्रभुता: चीन
बता दें कि पिछले कई दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि चीन दक्षिण चीन सागर में अपना सैन्य तंत्र खड़ा करने में जुटा है। अमेरिका की मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह दावा किया गया कि चीन ने विवादित क्षेत्र में तीन जगहों पर मिसाइलें तैनात की हैं। हालांकि गुरुवार को चीन के बयान ने इन कयासों को पुख्ता कर दिया। चीन ने कहा कि उसकी दक्षिण चीन सागर पर निर्विवाद संप्रभुता है। बताया गया है कि चीन ने इस क्षेत्र के तीन द्वीपों पर घातक एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात की हैं।
पिछले महीने चीन ने किया था बड़ा अभ्यास
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल में चीन ने इस क्षेत्र में अपना अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास किया था। इस दौरान पहली बार देश के एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सबसे अग्रिम हथियारों का प्रदर्शन किया गया था। चीन का समुद्र में यह सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास ऐसे वक्त में किया गया जब अमेरिका फ्रीडम ऑफ नैविगेशन (नौवहन की स्वतंत्रता) के तहत चीन द्वारा बनाए गए कृत्रिम द्वीपों के पास से अपने युद्धपोतों और एयरक्राफ्ट्स को भेजा था।
-एजेंसी

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