चीन के साथ तालिबान की यारी पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन खफा

वॉशिंगटन। अफगानिस्तान में तालिबान की इस्लामिक अमीरात की सरकार में कई मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के शामिल होने से पूरी दुनिया दहशत में है। तालिबान की कैबिनेट में कई ऐसे चेहरे भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिका कई साल के तलाश कर रहा है। अफगानिस्तान के नए गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी पर तो अमेरिका ने 50 लाख डॉलर के ईनाम की घोषणा कर रखी है। ऐसे में तालिबान की सरकार को चीन से फंडिंग मिलने की आशंका को लेकर राष्ट्रपति जो बाइडन भी भड़के हुए हैं।
चीन के साथ तालिबान की यारी पर बाइडन खफा
तालिबान की सरकार में कई कुख्यात आतंकियों के शामिल होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि चीन को तालिबान का साथ वास्तविक समस्या है। मुझे यकीन है कि वे तालिबान के साथ कुछ हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही पाकिस्तान, रूस, ईरान भी कर रहे हैं। वे सभी (चीन, पाकिस्तान, रूस और ईरान) समझ नहीं पा रहे हैं कि अब वे क्या करें। तो देखते हैं कि आगे क्या होता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या होता है।
चीन के पैसों से सरकार चलाएगा तालिबान
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने एक इतालवी अखबार को बताया है कि उनका समूह मुख्य रूप से चीन के आर्थिक मदद पर निर्भर है। लॉ रिपब्लिका द्वारा प्रकाशित अपने इंटरव्यू में मुजाहिद ने कहा कि तालिबान चीन की मदद से आर्थिक वापसी के लिए संघर्ष करेगा। हाल के हफ्तों में काबुल हवाई अड्डे से विदेशी सैनिकों के अराजक प्रस्थान के बाद पश्चिमी देशों ने अफगानिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को प्रतिबंधित कर दिया है। जिसके बाद तालिबान को सरकार चलाने के लिए आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
तालिबान ने चीन को बताया महत्वपूर्ण साझेदार
तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि चीन हमारा सबसे महत्वपूर्ण साझेदार है और हमारे लिए एक मौलिक और असाधारण अवसर का प्रतिनिधित्व करता है। चीन हमारे देश में निवेश और पुनर्निर्माण के लिए तैयार है। न्यू सिल्क रोड- एक बुनियादी ढांचा पहल जिसके साथ चीन व्यापार मार्ग खोलकर अपने वैश्विक प्रभाव को बढ़ाना चाहता है। तालिबान ने हमेशा इसे प्राथमिकता दी है।
कॉपर की खान चीन को सौंपेगा तालिबान
उन्होंने चीन का धन्यवाद करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में तांबे की समृद्ध खदानें हैं। हम चीनियों को इन्हें चलाने के लिए धन्यवाद करते हैं। इन्हें फिर से चलाया जा सकता है, इनका आधुनिकीकरण किया जा सकता है। इसके अलावा चीन दुनिया भर के बाजारों के लिए हमारा पास है।
तालिबान के विरोध में अमेरिका में ऑनलाइन याचिका
इस बीच संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत रह चुकीं निक्की हेली ने एक ऑनलाइन याचिका शुरू की जिसमें अमेरिका की सरकार से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को मान्यता नहीं देने का अनुरोध किया गया है। हेली ने कहा कि यह कहना जरूरी है कि इस प्रशासन के तहत अमेरिका को तालिबान को अफगानिस्तान की वैध सरकार के रूप में मान्यता नहीं देनी चाहिए। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि तालिबान के नियंत्रण में अफगानिस्तान का नया गृह मंत्री एफबीआई की वांछित सूची में शामिल एक आतंकवादी है।
तालिबान ने किया है अंतरिम सरकार का गठन
गौरतलब है कि तालिबान ने मंगलवार को मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व वाली एक अंतरिम सरकार की घोषणा की, जिसमें प्रमुख पदों पर विद्रोही समूह के कई कट्टर सदस्यों को नियुक्त किया जाना है। इसमें गृह मंत्री के रूप में सिराजुद्दीन हक्कानी का नाम भी शामिल है, जो आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क से ताल्लुक रखता है और उसका नाम वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल है।
-एजेंसियां

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