अमेरिकी मीडिया की खबर, ISIS सरगना बगदादी मारा गया

अमेरिका ने ISIS आतंकी संगठन के सरगना अबू बकर अल बगदादी के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया है। डोनल्ड ट्रंप ने भी आज ट्वीट करके कहा था कि कुछ बड़ा हुआ है। हालांकि उन्होंने इसकी कोई डीटेल नहीं दी थी। माना जा रहा है कि उन्होंने इसी संबंध में यह ट्वीट किया था। बगदादी से संबंधित अभी और कोई खुलासा नहीं किया गया है। व्‍हाइट हाउस ने ट्वीट करके कहा था कि ट्रंप प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बड़ी बात बताने वाले हैं। हो सकता है कि इस संबंध में डोनल्ड ट्रंप खुद कोई बड़ा ऐलान करें। इससे पहले भी बगदादी के मारे जाने की खबरें आई हैं लेकिन कभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। अब तक प्राप्‍त जानकारी के मुताबक यह एक हवाई ऑपरेशन था जिसमें बगदादी को मार गिराया गया। बीबीसी ने न्यूजवीक के हवाले से कहा कि बगदादी विशेष अभियान बलों द्वारा मारा गया, ऐसा उनके द्वारा ‘एक्शनेबल इंटेलीजेंस’ सूचना प्राप्त करने के बाद किया गया।
कैसे दिया गया ऑपरेशन को अंजाम?
जानकारी के मुताबिक यह ऑपरेशन वैसा ही था जैसा कि पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मारने को मारने के लिए चलाया गया था। यानी पहले इंटेलिजेंस सूत्रों से यह जानकारी मिली कि बगदादी कहां छिपा है। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन पश्चिमी सीरिया में चलाया गया। अमेरिका सेना ने बगदादी के ठिकाने पर हवाई हमला किया। इसके बाद बगदादी का शव पाया गया। कुछ ऐसा ही ओसामा के मामले में भी हुआ था। हमले के बाद उसके शव मिला और फिर उसकी मौत की पुष्टि हुई थी।
बगदादी ने कर ली आत्महत्या?
अमेरिकी मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि सेना के हमले के बाद बगदादी ने खुदकुशी कर ली। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सैन्य कार्यवाही की सूचना मिलते ही बगदादी ने खुद को बम से उड़ा लिया।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अल-बगदादी को दुनिया का सबसे वांछित अपराधी माना जाता है। उसे अमेरिका ने अक्टूबर 2011 में आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया और उसके पकड़े जाने या मौत पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था। बगदादी अंतिम बार जुलाई 2014 में मोसुल में अल नूरी मस्जिद में सार्वजनिक तौर पर सामने आया था, जिसे इराकी सुरक्षा बलों ने जून 2017 में कब्जा कर लिया था। इस साल अगस्त में आईएस ने अल-बगदादी का एक नया ऑडियो संदेश जारी किया था। उसके मारे जाने की खबरें कई बार आईं लेकिन कभी पुष्टि नहीं हो सकी।
व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव होगन गाइडली ने सीएनएन से बताया है कि घोषणा विदेश नीति से जुड़ी है। इस पर अमरीकी सेना की तरफ़ से कोई बयान नहीं आया है।
अमेरिकी मीडिया का भी कहना है कि बगदादी को मार दिया गया है लेकिन इसका ऐलान राष्ट्पति ट्रंप करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने पश्चिमी सीरिया में रेड डालकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन कुछ वैसे ही था, जैसे पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मारने के लए चलाया गया था। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि रेड के दौरान बगदादी ने आत्मघाती हमला किया। उसके शव के डीएनए टेस्ट के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी। सीरिया के सूत्रों ने ईरान को भी खबर दी है कि बगदादी को मार दिया गया है।
इससे पहले अमेरिका के रक्षा मंत्री एस्पर ने भी कहा था कि सीरिया में ISIS को परास्त करने के लिए अतिरिक्त सैनिक टुकड़ियां और टैंक भेजे जाएंगे इससे पहले सीरिया में अमेरिका ने टैंक नहीं भेजे थे। रक्षा मंत्री ने कहा था कि 500 से ज्यादा सैन्य टुकड़ियां तैनात की जाएंगी क्योंकि ISIS तेल भंडार पर कब्जा करने की कोशिश में है। बता दें कि अबू बकर अल बगदादी अकसर वीडियो जारी करके भी दहशत फैलाने की कोशिश करता रहा है।
कौन है बगदादी?
बगदादी ISIS आतंकी संगठन का सरगना है जो कि इराक और सीरिया में रहता है। इसके सही ठिकाने की जानकारी अभी नहीं मिली है। 1971 में वह बगदाद के एक निम्न मध्यवर्गीय परिवार में पैदा हुआ था। यह परिवार अपनी धर्मनिष्ठता के लिए जाना जाता था। बगदादी के परिवार का दावा है कि जिस क़बीले से पैग़ंबर मोहम्मद थे उसी उसी क़बीले से वो भी है। यह परिवार पैग़ंबर मोहम्मद का वंशज होने का दावा करता है।
शुरू से ही वह कट्टरवादी विचारधारा का था। यहां तक कि अपने परिवार में भी उसने कठिन नियम बनाए थे और लोगों को दंडित भी करता था।
बगदाद यूनिवर्सिटी में उसने कुरान की पढ़ाई की। उसने मास्टर डिग्री और पीएचडी हासिल की। इसके साथ ही वह अलकायदा सहित कई आतंकी संगठनों के संपर्क में आया।
2004 तक बगदादी, बग़दाद के पास तोबची में दो पत्नियों और छह बच्चों के साथ रहा। इसी दौरान स्थानीय मस्जिद में वो पड़ोस के बच्चों को कुरान की आयतें पढ़ाता था। इसके साथ ही वो फुटबॉल क्लब का भी स्टार था। इसी दौरान बगदादी के चाचा ने उसे मुस्लिम ब्रदरहूड जॉइन करने के लिए प्रेरित किया। बगदादी तत्काल ही रूढ़िवादी और हिंसक इस्लामिक मूवमेंट की तरफ़ आकर्षित हो गया।
2003 में ईराक में जब आमेरिका की सेना ने प्रवेश किया तो वह एक मस्जिद में मौलवी था। 2004 में वह गिरफ्तार किया गया और कई महीनों तक अमेरिका की जेल में रहा। अमेरिका ने उसे छोड़ा तो वह सीरिया चला गया और वहां उपदेश देने और कट्टरपंथी गुट बनाने का काम करने लगा।
2006 में बगदादी ने इराक में अलकायदा की एक शाखा को खत्म करके उसे बगदादी ISIS का नाम दे दिया। फिर 2013 में इसी संगठन का नाम ‘इस्लामिम स्टेट इन इराक एंड अल शाम/द लेवांत’ कर दिया। इसके बाद बगदादी ने इराक एवं सीरिया के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया और इस्लामिक स्टेट की घोषणा कर दी। अमेरिकी फौज लगातार उसके खिलाफ ऑपरेशन चलाती रही हैं।
-एजेंसियां

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