तिब्बत के मामले में हस्तक्षेप के लिए UN का इस्‍तेमाल कर रहा है US: चीन

चीन ने तिब्बत को लेकर US (अमेरिका) पर कड़ा रुख अख्तियार किया और उस पर आरोप लगाया है कि वह तिब्बत के मामले में हस्तक्षेप के लिए UN (संयुक्त राष्ट्र) का इस्तेमाल कर रहा है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने चीन द्वारा दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चुनाव को रोकने के लिए अपनी कोशिश तेज कर दी है।
पिछले सप्ताह, अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक आजादी के राजदूत सैम ब्राउनबैक ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा था कि वॉशिंगटन चाहता है कि UN तिब्बत के धार्मिक गुरु के उत्तराधिकारी के मुद्दे को देखे।
दलाई लामा के उत्तराधिकारी की पसंद तिब्बती बौद्धों से जुड़ी है, न कि चीनी सरकार से। वहीं, ब्राउनबैक ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि अमेरिका धार्मिक आजादी के नाम पर UN के जरिए चीन के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप का प्रयास कर रहा है।
चीनी विदेश मंत्री गेंग शुआंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘यह प्रयास निश्चित रूप से असफल होगा और इसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का विरोध झेलना पड़ेगा।’
चीन ने दलील दी कि वह हिमालयी क्षेत्र का विकास एवं आधुनिकीकरण कर रहा है और इसने दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चुनाव करने के संकेत दिए हैं, जिन्हें निश्चित रूप से इस तरह से तैयार किया जाएगा कि वह चीन का समर्थन करे। 1995 में चीन ने आधिकारिक रूप से अपने पंचेन लामा का चुनाव किया था और जिसके लिए छह साल के बच्चे को हिरासत में ले लिया था। चीन ने उसे दलाई लामा के पद के लिए चुना था। इस घटना को पूरी दुनिया ने बच्चे को सबसे कम उम्र का राजनीतिक बंदी करार दिया था।
चीन ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि वह नए दलाई लामा का इंतजार कर रहा है और इसका मानना है कि यह कोशिश तिब्बत की स्वायत्तता की लड़ाई खत्म कर देगी। उधर, 84 वर्षीय मौजूदा दलाई लामा की तबीयत में गिरावट आई है। हालांकि, उन्हें कोई गंभीर समस्या नहीं है। वहीं, नोबेल के शांति पुरस्कार से सम्मानित दलाई लामा ने कहा है कि वह खुद अपना उत्तराधिकारी चुनेंगे जो संभवतः एक लड़की होगी या फिर वह खुद को आखिरी दलाई लामा घोषित करेंगे।
-एजेंसियां

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