भारत यात्रा से पहले अमेरिका ने लागू किया लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ अग्रीमेंट

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच सबसे बड़ी सैन्य सहमति के तौर पर प्रचारित लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ अग्रीमेंट (LEMOA) को अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की भारत यात्रा से पहले लागू कर दिया गया है।
इसके तहत युद्ध अभ्यास, ट्रेनिंग या आपदा राहत के मामले में अपने-अपने बेस पर एक-दूसरे की सेनाओं को लॉजिस्टिक सपॉर्ट, सप्लाई और सर्विस मुहैया कराने का प्रावधान किया गया है। खासतौर से फ्यूल सप्लाई और रिपेयर के लिए बिना बाधा के सुविधाएं मिल सकती हैं।
इस सहमति से दोनों को एक-दूसरे के देश में मिलिट्री बेस बनाने का अधिकार नहीं मिल सकता है, इसके बावजूद यह मसला राजनीतिक रूप से संवेदनशील समझा गया। भारत में करीब एक दशक तक चली बहस के बाद LEMOA पर पिछले साल अगस्त में साइन किए गए थे लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका था। एक-दूसरे को भुगतान कैसे हो, इस पर बात अटक गई।
अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की भारत यात्रा मंगलवार शाम शुरू होने जा रही है। इससे पहले सूत्रों ने बताया कि LEMOA की सहमति हाल में लागू हो चुकी है। पिछले महीने अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस की भारत यात्रा के दौरान इसे लागू किए जाने का रास्ता साफ किया गया था।
सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों की नौसेनाओं में इस तरह का तालमेल पहले से कायम है, सहमति लागू होने से इसे औपचारिक रूप मिल गया है।
भारत को अमेरिका ने बड़े रक्षा साझीदार का दर्जा दे रखा है। भारतीय नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए अमेरिका ने अहम EMALS सिस्टम देने का भी फैसला किया है, जिससे अलग-अलग भार के एयरक्राफ्ट उड़ान भर सकते हैं। अमेरिका ने बिना हथियार वाले गार्डियन यूएवी देने का भी प्रस्ताव रखा है, जबकि हथियारबंद ड्रोन देने पर विचार किया जा रहा है।
-एजेंसी