अमेरिका ने Hong Kong के प्रस्तावित प्रत्‍यर्पण कानून पर चिंता जताई

वॉशिंगटन। अमेरिका ने Hong Kong के प्रस्तावित प्रत्‍यर्पण कानून पर चिंता जताई। नए कानून के तहत 7 साल या इससे अधिक की सजा पाने पर चीन में प्रत्यर्पित किया जा सकेगा। अमेरिका ने इसे गंभीर कानून बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय स्वायत्ता प्रभावित हो सकती है। हॉन्ग कॉन्ग में भी इसका विरोध हो रहा है।
अमेरिका ने चेताया है कि इस प्रकार का कदम क्षेत्र की स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है और यह मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए नुकसानदेह हो सकता है। संशोधित कानून के तहत ऐसे आरोपियों को प्रत्यर्पित किया जा सकेगा जिनकी दोषसिद्धि साबित होने पर उन्हें 7 साल या इससे अधिक कारावास की सजा का प्रावधान है।
नया विधेयक मुख्य कार्यकारी के रूप में जाने जाने वाले हॉन्ग कॉन्ग के नेता को अदालतों की समीक्षा के बाद प्रत्यर्पण अनुरोध स्वीकार करने की अनुमति दे देगा। प्रस्तावित विधेयक के समर्थकों का कहना है कि संशोधन यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं कि शहर अपराधियों का शरणस्थल नहीं बने। आलोचकों को इस बात की चिंता है कि चीन इस कानून का इस्तेमाल राजनीति विरोधियों और अन्य को चीन प्रत्यर्पित करने के लिए कर सकता है जहां उनकी कानूनी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टोगस ने कहा, ‘अमेरिका भगोड़ा अपराध अध्यादेश में हांगकांग सरकार के प्रस्तावित संशोधनों के बारे में गहरी चिंता व्यक्त करता है। यदि ये संशोधन पारित हो जाते हैं, तो चीनी प्राधिकारियों को लोगों को चीन प्रत्यर्पित किए जाने का अनुरोध करने की अनुमति मिल जाएगी।’
उन्होंने कहा कि Hong Kong में हजारों लोगों की ओर से एक दिन पहले किया गया शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि लोग इन प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ हैं।
ओर्टोगस ने कहा कि अमेरिका भी हांगकांग में कई लोगों की तरह इस बात को लेकर चिंतित है कि प्रस्तावित संशोधनों में प्रक्रियात्मक सुरक्षा का अभाव Hong Kong की स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है। क्षेत्र में मानवाधिकारों, मौलिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रित मूल्यों की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »