उर्दू की प्रसिद्ध लेखिका इस्मत चुगताई के बर्थडे पर विशेष

आज उर्दू की प्रसिद्ध लेखिका इस्मत चुगताई का 107वां बर्थडे है और इस मौके पर गूगल ने एक बेहद खास डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इस्मत चुगताई ने उपन्यास से लेकर किस्से-कहानियां और खूब कविताएं लिखीं। खूब नाम भी कमाया। उन्हें मॉर्डन उर्दू शॉर्ट स्टोरी के चार स्तंभों में से एक माना जाता था।
1- वह बहुत बेबाक थीं, उन्होंने कई मुद्दों पर लिखा लेकिन उनकी कलम सबसे ज़्यादा चली महिलाओं के अधिकारों के लिए। महिलाओं के अधिकार, झगड़े उनके साथ हुई हिंसा जैसे न जाने कितने किस्से थे, जिनके लिए इस्मत चुगताई की कलम बंदूक बन गई थी।
2- जिस उम्र में लड़कियां पढ़ाई-लिखाई के अलावा घर के काम-काज व खाना बनाना सीख रहीं थीं, उस उम्र में इस्मत को शब्दों से प्यार हो गया था। यह प्यार इतना गहरा था कि घर वालों के रोकने पर भी नहीं रुका। उनके तानों के बीच भी इस्मत डगमगाईं नहीं और जो ठाना वही किया।
3- इस्मत चुगताई को महिला सशक्तिकरण के एक प्रतीक के रूप में देखा जाता था। उनकी लेखनी में अश्लीलता को लेकर लोग उन्हें निशाने पर लेने लगे।
4- इस्मत चुगताई की शॉर्ट स्टोरी ‘लिहाफ’ पर काफी बवाल भी हुआ। ऐसे दौर में जब महिलाएं पर्दे के पीछे ही रहतीं थी और सामने आना भी ‘पाप’ समझा जाता था, उस वक्त में इस्मत ने ‘लिहाफ’ में लेस्बियन रिलेशनशिप को दिखाया, जिसकी काफी आलोचना की गई। इस आलोचना एक वजह यह भी थी कि 30 के उस दशक में उर्दू साहित्य में कामुकता की कोई थीम नहीं होती थी।
5- हालांकि ऐसा नहीं है कि उस ज़माने में पुरुषो में लैंगिक संबंधों को कविताओं या फिर उपन्यासों में नहीं दर्शाया गया। उस वक्त कई ऐसे पुरुष साहित्यकार रहे, जिनकी लेखनी में पुरुषों के बीच लैंगिक संबंधों का जिक्र मिला लेकिन यही काम जब इस्मत चुगताई ने किया तो समाज को रास नहीं आया। इस्मत और उनकी लेखनी की खूब आलोचना की गई।
6- इस्मत चुगताई को उनकी लेखनी की वजह से लेडी चंगेज़ खां तक कहा गया। उन्हें यह नाम उर्दू की लेखिका कुर्रतुल ऐन हैदर ने दिया।
7- कुर्रतुल ऐन हैदर ने भी महिलाओं और उनके सीमित दायरे के ताने-बाने को लेकर कई उपन्यास लिखे लेकिन महिलाओं को लेकर कुर्रतुल और इस्मत चुगताई के बीच काफी मतभेद थे।
8- एक बार इस्मत ने उन्हें लेकर एक लेख लिखा, जिसका शीर्षक ‘पॉम पॉम डार्लिंग था’। कुर्रतुल ऐन हैदर ने भी इसका जवाब शब्दों से ही दिया और इस्मत को लेडी चंगेज़ खां कह दिया।
-एजेंसियां

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