पत्‍नी द्वारा पीटे जाने से क्षुब्‍ध पति पहुंचा कोर्ट, सुरक्षा मिली

नई दिल्ली। अमूमन पति द्वारा पत्नी को यातनाएं देने की घटनाएं सुनाई देती हैं, लेकिन हाई कोर्ट के सामने एक ऐसा केस आया जहां पीड़ित बनकर एक पति खड़ा है और प्रताड़ित करने का आरोप पत्नी पर है। शारीरिक रूप से 90 फीसदी दिव्यांगता के शिकार इस व्यक्ति का आरोप है कि अलग रह रही उसकी पत्नी उसे तरह-तरह से यातनाएं देती है, जिससे उसकी जान खतरे में है।
पति के आरोपों पर भरोसा जताते हुए हाई कोर्ट ने संबंधित इलाके के एसएचओ को निर्देश दिया कि वह इस व्यक्ति को मिल रही कथित धमकियों और यातनाओं का आकलन कर उसे तुरंत सुरक्षा मुहैया कराए।
जस्टिस नजमी वजीरी की बेंच ने संबंधित इलाके के एसएचओ को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता संजीव शर्मा को मिल रहीं धमकियों का आकलन कर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराए। साथ ही जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह शर्मा की पत्नी से बात करे। याचिकाकर्ता की सुरक्षा के बारे में उसे समझाए और बताए कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी के पास नहीं है। इसके अलावा हाई कोर्ट ने पुलिस अधिकारी से कहा है कि वह याचिकाकर्ता को संबंधित इलाके के दो पुलिस वालों के नंबर मुहैया कराए, जो हर समय चालू रहने चाहिए। ऐसा इसलिए ताकि याचिकाकर्ता आपात स्थिति में किसी भी तरह पुलिस से संपर्क कर सके।
शर्मा की ओर से ऐडवोकेट आदित्य अग्रवाल ने यह याचिका हाई कोर्ट में दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया कि शर्मा की पत्नी उसे तरह-तरह से यातनाएं दे रही है। दोनों अलग-अलग रहते हैं। सरकारी स्कूल में टीचर याचिकाकर्ता शारीरिक रूप से अक्षम है। आरोप के मुताबिक उसकी जान खतरे में है। शर्मा के कहे मुताबिक उनकी पत्नी उनके बच्चे को भी मारती पीटती है। प्रताड़ना के आरोप जारी रखते हुए शर्मा ने कहा है दिव्यांग कि उनकी पत्नी ने पूरे स्कूल के सामने उन्हें प्रताड़ित किया। अपने आरोपों के समर्थन में याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने कुछ तस्वीरें पेश की, जिसमें महिला उसकी दिव्यांगों वाली तीन पहिया गाड़ी को तोड़ती हुई दिख रही थी। बेंच ने याचिकाकर्ता की पत्नी को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया है कि दोनों पक्ष 27 अगस्त को 3 बजे मिडिएशन ऐंड कंसीलिएशन सेंटर में पेश हों।
-एजेंसियां

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