यूपी: केबल टीवी ऑपरेटर्स पर शिंकजा कसने की तैयारी में योगी सरकार

लखनऊ। मनोरंजन कर विभाग अब अस्तित्व में नहीं है। यहां के अधिकारी जीएसटी में शामिल हो गए हैं। ऐसे में केबल टीवी ऑपरेटर्स से लेकर मल्टीसिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ), वॉटर पार्क, सिनेमा और मल्टीप्लेक्स के लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण के अधिकार जिला प्रशासन को मिल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक शासन ने मनोरंजन कर विभाग के अधिकार प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को देने का खाका तैयार कर लिया है। इस बाबत जल्द ही शासनादेश भी जारी हो जाएगा।
कलेक्ट्रेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मनोरंजन कर विभाग कुछ महीने पहले ही जीएसटी में शामिल हो गया है। इसके बाद से केबल टीवी ऑपरेटर्स ग्राहकों से मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं। एमएसओ के स्तर से भी कई चैनलों का प्रसारण बिना ग्राहकों को जानकारी दिए हुए बंद कर दिया गया है। इन सब मामलों पर पहले मनोरंजन कर विभाग के स्तर से कार्यवाही होती थी लेकिन जीएसटी में शामिल होने के बाद उनके यह अधिकार समाप्त हो गए हैं लिहाजा मुख्य सचिव के स्तर पर इन सारे कामों की जिम्मेदारी संबंधित जिले के डीएम के हवाले किए जाने की कवायद चल रही है ताकि उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण बंदकर दोषियों पर कार्यवाही की जा सके। राजधानी लखनऊ में भी एडीएम ट्रांसगोमती को ही मनोरंजन कर विभाग का नोडल अधिकारी बनाया जाता रहा है। डीएम को नए अधिकार मिलने पर एडीएम ट्रांसगोमती ही नोडल अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। शासनादेश जारी होने के बाद किसी एक एसीएम को शहरीय और नायब तहसीलदार को ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को निस्तारित करने की कमान सौंपी जा सकती है।
-एजेंसी

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