उप्र सरकार ने गृह मंत्रालय को भेजा PFI पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार मुस्लिम संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज चुकी है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया था कि नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ राज्य में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के पीछे PFI का हाथ है। यूपी पुलिस ने इस सिलसिले में राज्य के अलग-अलग जिलों से PFI से जुड़े 25 लोगों को गिरफ्तार किया है, सबसे ज्यादा 19 लोगों की गिरफ्तारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली से हुई है जिनके ऊपर हिंसक विरोध प्रदर्शन करने का आरोप है।

गौरतलब है क‍ि पकड़े गए लोगों से जो सामग्री बरामद हुई है उसमें अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने जैसी बातें शामिल हैं। आरोप है कि PFI के लोगों से व्हाट्सएप ग्रुप चैट, फोन करके और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी बातें लिख रहे थे जिससे मुसलमानों को भड़काया जा सके।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार लोगों ने ही शांत तरीके से विरोध कर रहे लोगों को पत्थरबाजी के लिए प्रेरित किया और हथियार लेकर प्रदर्शन करने के लिए भड़काया। इतना ही नहीं जिन क्षेत्रों में धारा 144 लगी हुई थी वहां पर कानून का उलंघन कर सड़कों पर उतरने के लिए कहा गया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस PFI और प्रतिबंधित संगठन SIMI के संबंधों की भी जांच कर रही है और पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI के साथ PFI के संबंधों को फिलहाल पुलिस ने स्वीकारा नहीं है लेकिन जांच जारी है और खुले तौर पर इससे इनकार भी नहीं किया जा रहा।

अयोध्या फैसले के बाद PFI के काफी एक्टिव होने की बात सामने आई है और पिछले 3 महीने के दौरान PFI ने अपनी बातों को पोस्टरों और बैनरों के जरिए लोगों तक पहुंचाया है, इतना ही नहीं, लोगों को भड़काने के मकसद से PFI ने पत्थरबाज युवाओं को अपने पोस्टर पर जगह दी है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन तमाम तथ्यों का एक डोजियर तैयार किया है और PFI पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया है।
– एजेंसी

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