उत्तर प्रदेश ने तीन महीने में पूरा किया MGNREGA का 80 प्रतिशत टारगेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार सृजन की दर तय लक्ष्य से कहीं ज्यादा है।
राज्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना MGNREGA के कार्यान्वयन की पहली तिमाही में अपने वार्षिक लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत हासिल करने में कामयाब रहा, जिसका उद्देश्य कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन की वजह से राज्य लौटे प्रवासियों को रोजगार देना है।
ग्रामीण विकास विभाग के रेकॉर्ड के अनुसार 31 मार्च 2021 तक 26 करोड़ मानव श्रम दिवस के तय लक्ष्य के मुकाबले राज्य सरकार ने अगस्त के मध्य में ही 20.7 करोड़ मानव श्रम दिवस सृजित कर दिए थे। केंद्र की इस योजना को 21 अप्रैल से उस समय शुरू किया गया था जब लॉकडाउन ने मजदूरों के बड़े पैमाने पर पलायन के लिए मजबूर कर दिया था।
बुलंदशहर, मीरजापुर, हाथरस और मथुरा में लक्ष्य से ज्यादा काम
बुलंदशहर, मीरजापुर, हाथरस और मथुरा में लक्ष्य से ज्यादा काम किया गया। जहां बुलंदशहर ने 2.50 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 4.40 लाख मानव रोजगार दिवस देने में कामयाबी हासिल की, वहीं मीरजापुर ने 36.70 लाख दिन के लक्ष्य के मुकाबले 39.90 लाख मानव श्रम दिवस सृजित किए। इसी तरह हाथरस में 9.50 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के मुकाबले 10.20 लाख मानव रोजगार दिवस उपलब्ध करवाए। मथुरा में 15.20 लाख मानव रोजगार दिवस सृजित किया गया जबकि लक्ष्य 15 लाख मानव दिवस ही था।
बड़े पैमाने पर लोग पलायन करके लौटे
मनरेगा के अतिरिक्त आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि लक्ष्य से ज्यादा लोगों को रोजगार देने का एक संकेत यह भी है कि इन जिलों में बड़े पैमाने पर लोग पलायन करके लौटे हैं। मीरजापुर को छोड़कर पश्चिमी यूपी के बाकी तीनों जिलों ने लॉकडाउन के बाद बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन देखा।
उन्होंने कहा, लॉकडाउन होने और लोगों की कमाई के नियमित स्रोत प्रभावित होने के बाद मनरेगा उनके लिए कमाई का एक विश्वनीय स्रोत साबित हुआ है।
यूपी में लगभग 43 करोड़ मानव दिवस का लक्ष्य
योगेश कुमार ने कहा कि इस योजना को जिला स्तर के अधिकारियों की ओर से तेजी से लागू किया गया, जिससे लोगों को रोजागर पाने में मदद मिली। अधिकारियों ने कहा कि 11 विभागों का कन्वर्जन भी राज्य सरकार के लिए काम में आया। यहां तक कि कई परियोजनाओं को मनरेगा की मदद से करवाया गया। कुमार के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग ने छह महीनों के लिए अपनी निधि समाप्त् कर दी है और अगले छह महीने के लिए बजट प्राप्त करने का प्रस्ताव भेजा है। सूत्रों ने कहा कि यूपी में लगभग 43 करोड़ मानव दिवस के लिए लक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है।
यूपी के ये जिले रहे फिसड्डी
अतिरिक्त आयुक्त ने कहा, ‘योजना की सफलता ने हमें आगे बढ़ने और अपना लक्ष्य बढ़ाने की अनुमति दी है। चाल अन्य जिलो- गाजीपुर, चंदौली, इटावा और मेरठ ने 92 से 98 प्रतिशत के बीच लक्ष्य हासिल किया है। हालांकि शामली, बागपत, संभल, बांदा, गौतमबुद्धनगर और बदायूं का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा। ये जिले 30 से 44 प्रतिशत के बीच ही लक्ष्य हासिल कर पाए।
-एजेंसियां

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