UP विधानसभा: ये हैं भाजपा के मुख्‍यमंत्री पद के दावेदार…

UP Assembly: These are BJP's chief ministerial candidates ...
UP विधानसभा: ये हैं भाजपा के मुख्‍यमंत्री पद के दावेदार…

UP विधानसभा चुनाव 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। नतीजे बता रहे हैं कि मोदी लहर अभी गई नहीं, बनी हुई है। चुनाव के ये नतीजे ऐतिहासिक हैं। BJP के आगे समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन तो क्या, कोई भी फैक्टर खड़ा नहीं हो पाया।
अब जबकि साफ हो चुका है कि उत्तर प्रदेश में अगली सरकार BJP की ही होगी, तो ऐसे में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कयासबाजियां शुरू हो गई हैं। कुछ नाम हैं जिन्हें लेकर मजबूत संभावना जताई जा रही है। आगे की स्लाइड्स में कुछ ऐसे BJP नेताओं के नाम हैं, जो कि मुख्यमंत्री की इस दौड़ में सबसे आगे हैं। इनमें से किसी एक का CM बनना लगभग तय माना जा रहा है। देखिए, कौन हैं ये दावेदार…
राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह वर्तमान में केंद्रीय गृहमंत्री हैं। ​राजनाथ पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह 11 मार्च के बाद भी गृहमंत्री ही रहेंगे लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में उनका अनुभव और किसी दूसरे के नाम पर सहमति न बनने की स्थिति में राजनाथ में एकमात्र विकल्प होंगे।
उन्हें उत्तर प्रदेश की कमान दिए जाने की चर्चा काफी समय से चली आ रही है। कहा जा रहा था कि अगर पार्टी को विधानसभा चुनाव में जीत मिलती है तो राजनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि राजनाथ खुद केंद्र छोड़कर प्रदेश राजनीति में नहीं आना चाहते हैं। वह मुख्यमंत्री बनते हैं या नहीं, यह तो आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
केशव प्रसाद मौर्य
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य मुख्यमंत्री के सबसे प्रबल दावेदार हैं। अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं, जो UP में पूरी तरह से BJP के साथ खड़ा दिखा है। चुनाव प्रचार के दौरान 100 से ज्यादा रैलियां करके उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच अच्छी पैठ बनाई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के काफी करीब हैं और इसका भी फायदा उन्हें मिल सकता है।
प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी। अब जबकि पार्टी को इतना तगड़ा बहुमत हासिल हुआ है तो मौर्य की मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी स्वाभाविक ही है।
योगी आदित्यनाथ
योगी का उत्तर प्रदेश राजनीति पर कितना प्रभाव है, यह शायद ही किसी से छुपा हो। गोरखपुर ही नहीं, वह UP में BJP के सबसे मजबूत नामों में से एक हैं। योगी BJP के बड़े जमीनी नेता हैं और गोरखपुर व आसपास के जिलों में इनका दबदबा भी है लेकिन यहीं बात इनके खिलाफ भी जा सकती है क्योंकि मोदी और अमित शाह ऐसे किसी नेता को UP की कमान नहीं देना चाहेंगे जो बाद में उनकी अवहेलना करे।
राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे सूबों में मजबूत क्षत्रपों को लेकर BJP का केंद्रीय नेतृत्व बहुत सहज नहीं रहा है। इसके बावजूद योगी की दावेदारी को खारिज नहीं किया जा सकता है।
महेश शर्मा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक सहसरकार्यवाह के करीबी महेश शर्मा भी दावेदारों की रेस में माने जा रहे हैं। फिलहाल वह नोएडा से सांसद और केंद्रीय मंत्री हैं।
हो सकता है कि पार्टी उन्हें केंद्रीय मंत्रीमंडल की जिम्मेदारियों से मुक्त करके प्रदेश सरकार की कमान थमा दे।
श्रीकांत शर्मा
श्रीकांत शर्मा को मथुरा से टिकट देकर BJP ने एक मजबूत दांव खेला था। वर्तमान में वह BJP के राष्ट्रीय मंत्री व प्रवक्ता हैं। हालांकि, उनका कम अनुभव उनके आड़े आ सकता है लेकिन अगर डार्क हॉर्स निकल जाएं तो कोई आश्चर्य की बात नहीं।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को असम का मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद श्रीकांत शर्मा के पक्ष में भी माहौल दिख रहा है। सोनोवाल भी उनकी ही तरह पार्टी के प्रवक्ता थे।
दिनेश शर्मा
दिनेश शर्मा लखनऊ के मेयर और BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। संभावनाओं की बात करें तो उनके चयन का पक्ष भी काफी मजबूत दिख रहा है।
दिनेश शर्मा BJP का पढ़ा-लिखा चेहरा माने जाते हैं। UP में सवर्णों की सबसे बड़ी आबादी ब्राह्मण जाति से आते हैं, इसका फायदा उन्हें मिल सकता है। इनके पक्ष में एक बात और जाती है कि वह गुजरात के प्रभारी हैं और इस नाते मोदी और अमित शाह के साथ उनके संबंध भी अच्छे हैं।
मनोज सिन्हा
मनोज गाजीपुर से सांसद हैं और सवर्णों के प्रतिनिधि के तौर पर देखे जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों के करीबी हैं, ऐसे में अगर पूर्वांचल से मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ तो उनकी लॉटरी लग सकती है।
उनके साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह जिस भूमिहार जाति से आते हैं उसकी आबादी उत्तर प्रदेश में अधिक नहीं है और 12-15 जिलों तक सिमटी हुई है।
-एजेंसी

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