UNSC ने अफगानिस्‍तान के मुद्दे पर एक कड़ा प्रस्ताव पारित किया

भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद UNSC ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर एक कड़े प्रस्ताव को पारित किया है.
प्रस्ताव में ये मांग की गई है कि अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल किसी देश को धमकी देने या चरमपंथियों को पनाह देने के लिए नहीं किया जाएगा.
प्रस्ताव में तालिबान से ये उम्मीद जताई गई है कि उसने देश छोड़ने के लिए इच्छुक अफ़ग़ान लोगों और सभी विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकलने के लिए जो प्रतिबद्धता दिखलाई है, वो उसका पालन करेगा.
सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव को सोमवार को पारित किया. फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका समेत सुरक्षा परिषद के 13 सदस्य देशों ने इसके पक्ष में वोट किया और किसी सदस्य ने भी इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया जबकि वीटो अधिकार से लैस सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य रूस और चीन ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
15 अगस्त पर काबुल पर तालिबान के नियंत्रण स्थापित करने के बाद 15 सदस्यों वाले सुरक्षा परिषद अफ़ग़ानिस्तान के हालात पर ये पहला प्रस्ताव था.
सुरक्षा परिषद में भारत की अध्यक्षता अगस्त में ख़त्म हो रही है. अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्ताव में काबुल एयरपोर्ट पर इस्लामिक स्टेट के हमले की कड़ी भर्त्सना की गई. इस हमले में 300 से ज़्यादा लोग मारे और घायल हो गए थे जिनमें 28 से सैनिक थे.
क्या बोले अमेरिकी लोग
अफ़ग़ानिस्तान से आख़िरी अमेरिकी सैनिक के काबुल एयरपोर्ट से रवाना होने के साथ ही 20 साल से इस देश में चल रहा अमेरिकी सैनिक अभियान ख़त्म हो गया है.
अमेरिका के राजनीतिक धड़ों की ओर से अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
राष्ट्रपति जो बाइडन पहले ही इस मुद्दे पर सख़्त आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं. सोमवार को रिपब्लिकन नेताओं ने भी उन पर अपने हमले तेज़ कर दिए.
ख़ासतौर पर इस बात के लिए बाइडन प्रशासन की आलोचना की जा रही है कि अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से केवल 6000 अमेरिकी नागरिकों को वापस निकाला है जबकि वहां अनुमानतः 15,000 अमेरिकी रह रहे थे.
हालांकि उनमें से कई अमेरिकी अफ़ग़ानिस्तान नहीं छोड़ना चाहते हैं. इससे पहले विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के लिए इच्छुक लगभग 100 से 200 अमेरिकी अभी भी वहीं पर हैं.
-एजेंसियां

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