प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर अनावश्यक विवाद पैदा किया जा रहा है: PMO

नई दिल्‍ली। लद्दाख में LAC पर हिंसक झड़प को लेकर भारत-चीन के बीच तनाव के माहौल के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह साफ कर दिया है कि भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी कीमत पर एक पक्षीय बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी। देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए भारतीय सेना हरसंभव कदम उठाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय PMO की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर कुछ लोगों की ओर से विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम मोदी के बयान पर PMO की सफाई
PMO ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन टिप्पणियों पर भी सफाई दी है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कोई भी भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा और न ही किसी भारतीय चौकी पर कब्जा किया गया। PMO ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय सीमा की ओर चीनी सेना की कोई मौजूदगी न होने वाली टिप्पणियां सशस्त्र बलों की वीरता के बाद के हालात से जुड़ी हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर अनावश्यक विवाद पैदा किया जा रहा है जब वीर सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का स्पष्ट रुख है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को पार करने की किसी भी कोशिश का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के बयान पर अनावश्यक विवाद पैदा किया जा रहा: PMO
शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में यह कहा गया था कि एलएसी को स्थानांतरित करने के किसी भी प्रयास का भारत दृढ़ता से जवाब देगा। वास्तव में उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि ऐसी चुनौतियों के अतीत की उपेक्षा के विपरीत, भारतीय सेना एलएसी के किसी भी उल्लंघन का मुकाबला निर्णायक रूप से और दृढ़ता से करती है।
सर्वदलीय बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया था कि इस बार, चीनी सेनाएं एलएसी पर बहुत अधिक ताकत के साथ आ गई और उस पर भारतीय प्रतिक्रिया भी उसके अनुरूप रही। जैसा कि एलएसी के उल्लंघन का सवाल है उसके संबंध में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि 15 जून को गलवान में हिंसा इसलिए हुई क्योंकि चीनी पक्ष एलएसी के नजदीक संरचनाएं खड़ी करना चाह रहा था और इस तरह के कार्यों से बाज आने से इंकार कर रहा था।
प्रधानमंत्री की टिप्पणियों का फोकस 15 जून की झड़प पर था: PMO
ऑल पार्टी मीटिंग की चर्चाओं में प्रधानमंत्री की टिप्पणियों का फोकस 15 जून की गलवान की घटनाओं पर था जिसके कारण 20 भारतीय सैन्य कर्मियों की जान चली गई थी। प्रधानमंत्री ने हमारे सशस्त्र बलों को उनकी वीरता और देशभक्ति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने वहां चीन के इरादों को नाकामयाब किया। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के हमारी तरफ चीन की कोई उपस्थिति नहीं है हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी के परिणामस्वरूप बनी स्थिति से संबंधित थी। 16 बिहार रेजिमेंट के सैनिकों के बलिदान ने संरचनाएं खड़ी करने की चीनी पक्ष की कोशिश को नाकाम कर दिया और उस दिन इस जगह पर एलएसी के उल्लंघन के प्रयास को भी निष्फल कर दिया।
‘हमारी सशस्त्र सेना सीमाओं की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी’
प्रधानमंत्री के शब्द कि “जिन लोगों ने हमारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की, उन्हें हमारे बहादुर धरती पुत्रों द्वारा मुंहतोड़ सबक सिखाया गया” हमारे सशस्त्र बलों के मूल्यों और चरित्र को अभिव्यक्त करते हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं, कि हमारी सशस्त्र सेना हमारी सीमाओं की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी’। भारतीय क्षेत्र क्या है यह भारत के नक्शे से स्पष्ट है। यह सरकार इसके प्रति दृढ़ता और सख्ती से संकल्पबद्ध है। जहां तक कुछ अवैध कब्जों का सवाल है ऑल पार्टी मीटिंग को बड़े विस्तार से बताया गया कि पिछले 60 वर्षों में, 43,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक इलाके को किन परिस्थितियों में खोना पड़ा जिससे यह देश अच्छी तरह से वाकिफ है। यह भी स्पष्ट किया गया कि यह सरकार एलएसी के किसी एकतरफा परिवर्तन की अनुमति नहीं देगी। ऐसे समय में जब कि हमारे बहादुर सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका मनोबल कम करने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। हालांकि ऑल पार्टी मीटिंग में प्रमुख भावना राष्ट्रीय संकट के समय सरकार और सशस्त्र बलों के लिए अप्रतिम समर्थन की थी। हमें विश्वास है कि प्रेरित प्रचार से भारतीय लोगों की एकता में कोई कमी नहीं आएगी।
कांग्रेस ने बयान को बताया ‘चकित और हतप्रभ’
कांग्रेस ने लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को ‘चकित और हतप्रभ’ करने वाला करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने यह सवाल भी किया कि अगर प्रधानमंत्री ने लद्दाख की सही स्थिति के बारे में बताया है तो फिर 20 जवानों का सर्वोच्च बलिदान क्यों हुआ और पिछले कुछ हफ्तों में चीन के साथ सैन्य स्तर पर किस विषय को लेकर बातचीत हो रही थी?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख में भारतीय सीमा में कोई बाहरी नहीं आया। यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री का बयान सेना प्रमुख, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री के पहले के बयानों के विपरीत है। उनका बयान हमें चकित और हतप्रभ कर गया।
-एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *